राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इंडो-इस्राइल तकनीक पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बस्ती, कन्नौज में भी स्वीकृत हुआ है। आलू के भंडारण की क्षमता में 30 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी और प्याज भंडारण के लिए करीब 200 भंडारण केंद्र बनाए गए हैं।
सरकार ने हर जिले में उद्यान के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। अगले पांच साल में फल, शाकभाजी एवं मसाले की खेती के क्षेत्रफल में विस्तार, उपज में वृद्धि और प्रसंस्करण के लिए सरकार ने लक्ष्य तय किए हैं। बागवानी फसलों का क्षेत्रफल 11.6 फीसदी से बढ़ाकर 16 फीसदी तथा खाद्य प्रसंस्करण का 6 से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का लक्ष्य है।
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राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इंडो-इस्राइल तकनीक पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बस्ती, कन्नौज में भी स्वीकृत हुआ है। आलू के भंडारण की क्षमता में 30 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी और प्याज भंडारण के लिए करीब 200 भंडारण केंद्र बनाए गए हैं।
सहारनपुर, लखनऊ, हापुड़, कुशीनगर, चंदौली व कौशांबी में आलू और फल के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होंगे। 30 जिलों में इन्क्यूबेशन सेंटर भी खोले जाएंगे। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में जल्द ही 6 मेगा फूड पार्क विकसित किए जाएंगे।
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1000 करोड़ का बनेगा कोष
सरकार जल्द ही 1000 करोड़ का भामाशाह भाव स्थिरता कोष बनाने जा रही है। इससे आलू, टमाटर एवं प्याज जैसी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जा सकेगा। 4000 नए एफपीओ बनाने की भी तैयारी है। युवाओं के लिए स्वरोजगार के प्रशिक्षण कोर्स भी शुरू करने की तैयारी है।