बोर्ड परीक्षा के संबंध में आयोजित बैठक।
लखनऊ। राजधानी में यूपी बोर्ड परीक्षाएं जेल सहित 127 केंद्रों पर होंगी। परीक्षा शुरू होने में पांच दिन ही शेष हैं, लेकिन केंद्र व्यवस्थापकों की लापरवाही अभी से शुरू हो गई है। परीक्षा की तैयारियों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक ने मंगलवार को राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में बैठक बुलाई थी, मगर 22 केंद्रों के व्यवस्थापक बैठक में पहुंचे ही नहीं, जबकि एक दिन बाद 20 फरवरी को परीक्षा से जुड़ी तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने भी बैठक बुलाई है।
इस पर डीआईओएस राकेश पांडेय ने नाराजगी जाहिर करते हुए सभी को नोटिस जारी कर वेतन रोकने की चेतावनी दी है। डीआईओएस ने बताया कि राजकीय और वित्त पोषित स्कूलों के व्यवस्थापकों का वेतन रोकने और वित्तविहीन स्कूल के प्रधानाचार्यों को कड़ी चेतावनी दी है। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज, विद्यांत, राजकीय इंटर कॉलेज हुसैनाबाद, राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज नरही और इंदिरानगर समेत 22 स्कूल शामिल हैं।
चार अलमारी में रखने होंगे प्रश्नपत्र
बैठक में कहा गया परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र रखने के लिए बनाए गए स्ट्राॅन्ग रूम में कोई भी खिड़की नहीं होगी। सिर्फ एक दरवाजा होगा। सीसी कैमरे 24 घंटे संचालित होंगे। स्ट्राॅन्ग रूम में चार अलमारियां होंगी। एक में हाईस्कूल, दूसरे में इंटरमीडिएट, तीसरे में छात्रों के दिए जाने के बाद बचे हुए प्रश्न पत्र और चौथी अलमारी में पेपर आउट होने की स्थिति में प्रश्न पत्र का अतिरिक्त सेट (इमरजेंसी पेपर) रखा जाएगा।
केंद्रों के लिए ये गाइडलाइन
- स्ट्राॅन्ग रूम में सिर्फ एक दरवाजा होगा।
- सभी खिड़की बंद होंगी
- केंद्र के मुख्य गेट, कमरों और परिसर में लगे कैमरे दुरुस्त रखने होंगे।
- चौथी अलमारी की चाभी केंद्र व्यवस्थापक और उस इलाके के कोतवाली प्रभारी के पास होगी।