लखनऊ। तेलीबाग स्थित निजी अस्पताल में मंगलवार को प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। आरोप था कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान महिला की नस कट गई। अस्पतालवालों ने बिना परिजनों की सहमति लिए उसी दिन दोबारा सर्जरी कर दी। इससे महिला की हालत बिगड़ी तो दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी जान चली गई। परिजनों ने निजी अस्पताल के खिलाफ पुलिस व सीएमओ से शिकायत दर्ज कराई है।
कानपुर देहात निवासी सौरभ सचान की पत्नी दर्शिका (31) का इलाज तेलीबाग स्थित निजी अस्पताल से चल रहा था। वह आईवीएफ विधि से गर्भवती हुई थी। प्रसव के लिए 13 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया। सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 14 को महिला को बच्चा हुआ, लेकिन नस कटने से रक्तस्त्राव होने लगा। तमाम कोशिश के बाद भी खून बहना बंद नहीं हुआ तो बिना परिजनों की सहमति के उसी दिन दोबारा सर्जरी कर दी गई। इससे दर्शिका की हालत बिगड़ी तो दूसरे निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
यहां वेंटिलेटर पर रखने के बाद भी हालत में सुधार न हुआ। मंगलवार सुबह करीब सात बजे महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मरीज की फाइल मांगी तो उसे देने से इन्कार कर दिया गया। इसे पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें शांत कराया। सौरभ ने पुलिस व सीएमओ से शिकायत दर्ज कराई है।