अगर आपको नशे की लत लग चुकी है तो मैग्नीशियम और जिंक की सप्लीमेंट डायट
इससे छुटकारा दिला सकती है।
सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) की
देखरेख में चल रहे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल्स एजूकेशन एंड
रिसर्च (नाइपर) के वैज्ञानिकों की स्टडी में यह बात सामने आई है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर मैग्नीशियम और जिंक का संतुलन बनाया जाए तो
एडिक्शन को नियंत्रित किया जा सकता है।
सीडीआरआई
परिसर में नाइपर-सीएसआईआर-सीडीआरआई सिंपोजियम करेंट सिनेरियो इन ड्रग
डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट के अंतिम दिन नाइपर के वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी
को प्रदर्शित किया।
स्टडी के मुताबिक, किसी भी चीज के लिए मानसिक रूप से
निर्भर हो जाने की स्थिति ही एडिक्शन है। इनमें ओपियोड्स, कोकीन, निकोटिन,
एंफेटामिन्स जैसे तत्वों के लिए लोगों को आदी पाया गया है।
एडिक्शन की वजह
अब तक डोपामाइन तत्व के रिलीज होने को माना गया है। शोध बताते हैं कि
एडिक्शन सामान्य तौर पर ब्रेन की मैकेनिज्म को हाइजैक करता है। इसकी वजह से
लिंबिक डोपामाइनेर्जिक सिस्टम और ब्रेन के दूसरे हिस्से प्रभावित होते
हैं।
वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार यापुरी और
डॉ. अवनीश मिश्रा के मुताबिक, एडिक्शन के समय इस पूरे बदलाव के दौरान ब्रेन
में मैग्नीशियम और जिंक की कमी पाई गई।
अगर मैग्नीशियम और जिंक के लेवल
को बरकरार रखा जाए तो एडिक्शन को नियंत्रित किया जा सकता है।
मेथी, नीम, करेला से होगा डायबिटीज का इलाज
घरों में उपयोग होने वाली छोटी-छोटी सब्जियों से डायबिटीज का
इलाज होगा। नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई) व सेंट्रल
इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल प्लांट (सीमैप) ने मेथी, नीम और करेला से
एनबीआरमैप-डीबी दवा बनाकर डायबिटीज का इलाज खोजा है।
पूरी तरह से इस हर्बल
दवा को शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय
सेमिनार में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने लांच किया।
इस दौरान एनबीआरआई के
निदेशक डॉ. सीएस नौटियाल की अगुआई में दवा बनाने वाली वैज्ञानिकों की टीम
भी मौजूद रही।
यह सेमिनार काउंसिल ऑफ
साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और काउंसिल ऑफ रूरल डवपलमेंट
(सीआरडी) ने आयोजित किया था।
इसमें एनबीआरआई और सीमैप की टीम ने हर्बल एंटी
डायबिटिक दवा एनबीआरमैप-डीबी को प्रदर्शित किया, जिसे उपराष्ट्रपति ने
अंतिम दिन लांच किया।