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राज्यपाल के भेजी गई आजम के भाषण की सीडी, अब होगा निर्णय

Fri, 18 Mar 2016 08:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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आजम खान - फोटो : amar ujala
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विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदन में राज्यपाल को लेकर नगर विकास मंत्री आजम खां व अन्य लोगों द्वारा की गई टिप्पणियों की ऑडियो-वीडियो सीडी व भाषणों की असंपादित तथा संपादित मुद्रित प्रति (ट्रांसक्रिप्ट) बृहस्पतिवार को राज्यपाल राम नाईक को भेज दी है।
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एक सप्ताह में विधानसभा सचिवालय आजम समेत अन्य सदस्यों के भाषणों को संपादित कराकर राजभवन को सूचनाएं भेज सका। राज्यपाल अब सीडी देखने व सुनने तथा मुद्रित प्रतियों का अध्ययन करने के बाद इस मामले में कोई फैसला करेंगे।

दरअसल, विधानसभा में सदस्यों द्वारा कही जाने वाली बातों की पहले असंपादित मुद्रित प्रति तैयार की जाती है। फिर इसे संबंधित सदस्य को दिया जाता है कि वह कौन से शब्द व टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाना चाहते हैं। इसके बाद असंपादित प्रति को संपादित किया जाता है जिसका अध्यक्ष अनुमोदन करते हैं।
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यही संपादित प्रति विधानसभा की लाइब्रेरी में लोगों के अध्ययन के लिए रखी जाती है। आठ मार्च को सदन में राज्यपाल को लेकर आजम ने जो तल्ख टिप्पणियां की वह असंपादित ही लोगों तक पहुंच गईं। राजभवन को इसी पर ऐतराज है।
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आजम ने लगाया था राज्यपाल पर आरोप

राज्यपाल राम नाईक - फोटो : amar ujala
अब विधानसभा सचिवालय की ओर से राजभवन को भाषणों की असंपादित व संपादित प्रतियां व सीडी भेजी गई हैं। सूत्रों का कहना है कि राजभवन अब असंपादित व संपादित प्रतियों का मिलान करके देखेगा कि कौन-कौन से शब्द या टिप्पणियां हटाई गई हैं।

सीडी देखने व सुनने तथा बारीकी से अध्ययन करने के बाद राज्यपाल इस मामले में कोई निर्णय करेंगे। राज्यपाल राम नाईक का कहना है कि उन्हें सदन में टिप्पणियों की सीडी तथा असंपादित व संपादित मुद्रित प्रतियां प्राप्त हो गई हैं।

क्या है मामला
गौरतलब है कि मेयरों को हटाने संबंधी विधेयक को रोके रखने से नाराज आजम खां ने आठ मार्च को विधानसभा में राज्यपाल पर हमला बोलते हुए कहा था कि यह तय होना चाहिए कि किसको कितने अधिकार होंगे? राजभवन को कितने समय तक किसी विधेयक को रोकने अधिकार है?

आजम ने राज्यपाल पर बेईमानी करने वाले महापौरों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा था कि एक राजनीतिक दल के महापौरों को बचाने के लिए उन्होंने विधेयक को रोक रखा है।
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