सीपीएमटी की तर्ज पर अब यूपी पुलिस की भर्ती परीक्षाएं भी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड 27 अक्टूबर को होने जा रही सिपाहियों की भर्ती परीक्षा में पहली बार इस व्यवस्था को लागू करेगा। अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक पहचान लेने के लिए केंद्र पर ही डिवाइस भी लगाई जाएंगी।
प्रदेश के 4500 से अधिक परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए बोर्ड के प्रस्ताव पर शासन ने दो करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। धनराशि जारी होते ही जिला स्तर पर पुलिस प्रभारी परीक्षा केंद्रों पर कैमरे लगवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
हर परीक्षा केंद्र पर होगी नजर
बोर्ड ने इस बार भर्ती प्रक्रिया में कई संशोधन किए हैं। ‘ट्रांसपैरेंट रिक्रूटमेंट प्रोसेस’ के तहत बोर्ड इस बार प्री और मेंस परीक्षा में सीसीटीवी कैमरे लगवाएगा। कैमरे परीक्षा केंद्र के हर कक्ष में लगेंगे।
इससे सामूहिक नकल पर अंकुश लगने के साथ ओएमआर शीट फाड़ने या भागने और कक्ष में अराजकता करने वाले अभ्यर्थी बच नहीं सकेंगे। भर्ती बोर्ड ने परीक्षा में एक और नया प्रयोग किया है।
कक्ष के बाहर ही बायोमेट्रिक डिवाइस लगाई जाएगी, जिसमें प्रत्येक अभ्यर्थी को पहचान के लिए अपने अंगूठे का निशान देना होगा। बोर्ड के अपर सचिव अमिताभ यश ने बताया कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में करीब 40 अभ्यर्थी रहेंगे। सीसीटीवी कैमरे जिला स्तर के पुलिस प्रभारियों द्वारा किराये पर लेकर लगाए जाएंगे।
‘मिनिमम ह्यूमन इंटरवेंशन’ पर आधारित होगा मूल्यांकन
ओएमआर शीट का मूल्यांकन ‘मिनिमम ह्यूमन इंटरवेंशन’ पर आधारित होगा। यानी व्यक्तियों का न्यूनतम हस्तक्षेप। ओएमआर शीट की तीन प्रति होंगी।
एक अभ्यर्थी के पास, दूसरी बोर्ड के पास और तीसरी स्कैनिंग के लिए कंपनी को दी जाएगी। मूल्यांकन सॉफ्टवेयर के जरिए होगा। फेल और पास ओएमआर शीट बोर्ड की वेबसाइट पर डाली जाएंगी।
फेल अभ्यर्थियों का कारण भी बताया जाएगा। असंतुष्ट अभ्यर्थी फीस चुकाकर आपत्ति दर्ज करा सकता है।
ऑनलाइन में आए पुड्डुचेरी तक के अभ्यर्थी
भर्ती के फार्म ऑनलाइन करने से पुड्डुचेरी से असम तक के अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। करीब 22 लाख फार्म आए हैं, जिनमें से लगभग दो लाख अन्य प्रदेशों के हैं।
भर्तियों की संख्या
सिपाही - 35,500
पीएसी - 4033
फायरमैन - 2077