लखनऊ के कूड़ाघर जल्द स्मार्ट होंगे। इसके लिए खुले कूड़ाघर बंद कर पोर्टेबल काम्पैक्टर और स्मार्ट डस्टबिन लगाए जा रहे हैं। यहां सेंसर के साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि पता चल सके कि कूड़ाघर खाली है या भरा। कूड़ा इसके बाहर तो नहीं फैला है। वहां कर्मचारी हैं कि नहीं।
साथ ही अब वे कर्मचारी नहीं बच सकेंगे, जो कॉम्पैक्टर या डस्टबिन खाली करने में लापरवाही करते हैं या इसके बाहर कूड़ा डालकर भाग जाते थे। इन पर सख्ती के लिए तीन करोड़ रुपये खर्च कर काम्पैक्टरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
नगर निगम अब शहर मेें खुले कूड़ाघरों को बंद कर वहां पोर्टेबल काम्पैक्टर लगा रहा है।
100 से अधिक काम्पैक्टर लगाने की योजना है, जिसमें से आधे लग भी गए हैं। इसके साथ कई इलाकों में सेंसर वाले स्मार्ट डस्टबिन भी लगाए जाएंगे। इसकी भी तैयारी स्मार्ट सिटी योजना में की गई है। वहीं, काम्पैक्टरों की बेहतर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है इस महीने के अंत में यह पूरी भी हो जाएगी।
दो तरह के होंगे डस्टबिन
प्रतीकात्मक तस्वीर
नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि सेंसर वाले डस्टबिन दो तरह के होंगे। एक में करीब 20 क्विंटल तक कचरा आ जाएगा और दूसरे में सात क्विंटल तक कचरा आ जाएगा। इन्हें जमीन में इस तरह से फिट किया जाएगा कि कचरा जमीन पर ऊपर नहीं दिखेगा। सेंसर के जरिये कमांड कंट्रोल सेंटर को रिपोर्ट मिलती रहेगी कि डस्टबिन खाली है या भरा। जैसे डस्टबिन भरने वाला होगा कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाएगा। इसके बाद कर्मचारी उसे खाली कर देंगे।
नगर आयुक्त का कहना है कि काम्पैक्टर इसलिए लगवाए जा रहे हैं, ताकि कचरा खुले में न दिखे। हालांकि, कई बार कर्मचारी लापरवाही करते हैं और कचरा उसके बाहर ही गिराकर चले जाते हैं। यह भी हो जाता है कि काम्पैक्टर भर गया है और उसे शिफ्ट कर दूसरा कंटेनर नहीं लगाया।
अभी कर्मचारियों की यह लापरवाही छुप जाती है, लेकिन कैमरे लगने के बाद ऐसा नहीं हो पाएगा। सीसीटीवी का लिंक कमांड कंट्रोल सेंटर से रहेगा और जिम्मेदार अधिकारियों को उसकी फीड़िग मिलती रहेगी। जैसे ही किसी काम्पैक्टर पर गड़बड़ी या लापरवाही होगी पता चल जाएगा।
शहर को स्वच्छता रेटिंग में अव्वल लाने की कोशिश है। इसके लिए लगातार कचरा प्रबंधन सिस्टम को बेहतर किया जा रहा है। खुले कूड़ाघर बंद हो जाने से बड़ा बदलाव आएगा। पोर्टेबल काम्पैक्टर पर सीसीटीवी कैमरे और सेंसर वाले डस्टबिन लगाने से सफाई व्यवस्था और स्मार्ट होगी। - इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त