प्रेरणा गर्ल्स स्कूल की पूर्व छात्रा और वर्तमान में स्टडी हॉल की छात्रवृत्ति धारक दीपाली कन्नाैजिया सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और मेहनत से सफलता की मिसाल बनीं हैं। उनका परिवार कपड़े धोने के व्यवसाय से जुड़ा है, जिसमें उनकी बड़ी बहनें भी सहयोग करती हैं। दीपाली ने कक्षा 10 की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 95.2% अंक हासिल किया है। चार भाई-बहनों में वह सबसे छोटी हैं। दीपाली का मानना है मेहनत से मंजिल जरूर मिलती है। उनकी सफलता पर मां सुमन ने गर्व जताया है। दीपाली को आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका में एक वर्ष की छात्रवृत्ति भी मिली है।
रोजाना पांच से छह घंटे की पढाई, आईआईटी में जाने का है सपना
एलपीएस (सीपी सिंह) साउथ सिटी ब्रांच की छात्रा अन्वी द्विवेदी ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता पाई है। अन्वी बताती हैं कि शुरुआत में वह रोज स्कूल के बाद तीन-चार घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं, जबकि परीक्षा के नजदीक आते ही पढ़ाई का समय बढ़ाकर 5 से 6 घंटे कर दिया। उन्होंने पुराने साल के प्रश्न पत्र व टेस्ट पेपर हल कर अपनी तैयारी मजबूत की। उन्हें आईआईटी में जाना है। उनके पिता मनोज कुमार द्विवेदी प्रवर्तन निदेशालय में कार्यरत हैं और मां पूनम द्विवेदी गृहिणी हैं। माता-पिता के सहयोग और मार्गदर्शन ने अन्वी को पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद की।
पहली बार क्षेत्रीय केंद्र बनाए गए लखनऊ का परीक्षा परिणाम मिलाजुला रहा है। 22 क्षेत्रीय केंद्रों में लखनऊ 15वें नंबर पर है। वहीं इस सूची में त्रिवेंद्रम शीर्ष पर है। सूची में आखिरी पायदान पर गुवाहाटी है। लखनऊ क्षेत्र का पास प्रतिशत 91.63 फीसदी रहा। त्रिवेंद्रम का 99.79 और गुवाहाटी का पास प्रतिश महज 85.32 फीसदी रहा। वहीं सीबीएसई के रिजल्ट में केंद्रीय विद्यालय एक बार फिर से अव्वल साबित हुए हैं। वहीं निजी स्कूलों के साथ ही अनुदानित विद्यालय पास प्रतिशत के मामले में सबसे निचली पायदान पर हैं। पास प्रतिशत के मामले में केंद्रीय विद्यालय 99.57 फीसदी के साथ पहले नंबर पर है। इसके बाद 99.42 फीसदी के साथ जवाहर नवोदय विद्यालय, तीसरे नंबर पर 97.42 फीसदी के साथ राज्य विद्यालय, चौथे नंबर पर 93.77 फीसदी के साथ निजी विद्यालय, पांचवे पर 91.43 फीसदी के साथ सरकारी विद्यालय और अंतिम पायदान पर 91.01 पास प्रतिशत के सरकारी अनुदानित विद्यालय हैं।