झांसी के प्रधान डाकघर और उप डाकघरों में फर्जी नाम-पते से बचत खाता खोलकर 64 लाख रुपये का गबन करने वाले 14 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डाकघर के वरिष्ठ अधीक्षक बीके पांडेय ने सीबीआई से इस फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। उन्होंने प्रधान डाकघर द्वारा जारी चेकों में डाकघर के कुछ तत्कालीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिलीभगत से कूटरचना करके सरकारी धन का गबन करने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि डाकघर के अधिकारियों ने जब इस प्रकरण के सामने आने के बाद जांच की तो सात बैंक खातों के जरिये फर्जीवाड़ा अंजाम देने की पुष्टि हुई। अधिकारी अभी कई अन्य चेकों का परीक्षण भी कर रहे हैं, जिसके बाद कुछ अन्य मामले भी सामने आ सकते हैं।
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डाकघर के अधिकारियों की जांच में जिन लोगों को इस फर्जीवाड़े का आरोपी बताया गया है, उनमें प्रधान डाकघर के तत्कालीन सीनियर पोस्टमास्टर एवरन सिंह, तत्कालीन डाक सहायक अशोक कुमार, तत्कालीन उप डाकपाल हरदास वर्मा, तत्कालीन डाक सहायक अरविंद पटेल, तत्कालीन डिप्टी पोस्टमास्टर एके शांडिल्य, तत्कालीन कार्यवाहक सीनियर पोस्टमास्टर रशीद खान मंसूरी, अरुण कुमार, ए कुमार, अरुण कुमार, अनिल राजपूत, अनिल, मोहम्मद रईस, प्रतिपाल सिंह और रवि कुमार शामिल हैं।