घोटाले के आरोपी का नाम चार्जशीट से हटवाने के लिए रिश्वत लेने वाले सीबीआई के वकील एससी अग्निहोत्री और कांस्टेबल संजय कुमार को अदालत ने 5-5 साल के कठोर कारवास की सजा सुनाई है।
सीबीआई ने दोनों को रिश्वत के 25 हजार रुपए गिनते रंगे हाथ्ा पकड़ा था। दोनों ने 3 करोड़ 76 लाख रुपए के यूटीआई फंड घोटाले के आरोपी ओम प्रकाश लखीना का नाम चार्जशीट से हटवाने के लिए उससे एक लाख रुपए मांगे थे।
विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) राजेंद्र सिंह ने संजय पर 91 हजार और अग्निहोत्री पर 41 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वकील पीके श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसी ने 31 जुलाई 2002 को लखीना व अन्य के खिलाफ घोटाले की रिपोर्ट दर्ज की थी।
लखीना को जेल भेजा गया लेकिन 90 दिन में चार्जशीट नहीं दाखिल नहीं हुई तो उसे जमानत मिल गई। संजय ने लखीना को वाराणसी से लखनऊ बुलाया और चार्जशीट से नाम हटवाने के लिए रिश्वत मांगी।
दोनों ने उसे आश्वस्त किया कि उसके मामले में विवेचक आरआर त्रिपाठी को ये रकम दी जानी है।