राज्य सरकार ने 126 करोड़ से अधिक के जमीन घोटाले के आरोपी यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के पूर्व सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) पीसी गुप्ता के खिलाफ सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है।
गृह सचिव भगवान स्वरूप ने केंद्र को सीबीआई जांच की संस्तुति भेजे जाने की पुष्टि की। जांच के बाद पूर्व सीईओ के खिलाफ पिछले दिनों मुकदमा दर्ज किया गया था। नोएडा पुलिस ने उन्हें पिछले महीने मध्य प्रदेश के दतिया जिले में पीतांबरा देवी मंदिर के बाहर से गिरफ्तार किया था।
गुप्ता को यमुना एक्सप्रेसवे अथारिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहने के दौरान 120 करोड़ रुपये का घोटाला करने का दोषी पाया गया है। एक्सप्रेसवे में जमीन की खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत की जांच के लिए आंतरिक समिति का गठन किया गया था।
समिति ने पाया कि अथारिटी का सीईओ बनने के बाद गुप्ता ने रिश्तदारों के नाम से सात गांवों में दिखावे की कंपनियों के नाम से 57.15 हेक्टेयर भूमि खरीदी। इस जमीन का बाद में (2013-14) यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने ऊंचे दाम देकर अधिग्रहण किया। इसमें कुल 126 करोड़ रुपये के वारे-न्यारे किए गए।
यह जमीनें एक्सप्रेसवे में आने वाले मदोर, सेउपट्टी बांगर, सेऊपट्टी खादर, कलौना बांगर, सोतीपुरा बांगर और नौझील बांगर गांव के किसानों से औने-पौने दामों में खरीद ली गई थीं।