रायबरेली में हुए सड़क हादसे की जांच के लिए सीबीआई की लखनऊ स्थित एंटी क्रप्शन ब्रांच ने केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। मंगलवार देर रात एफआईआर दर्ज करते ही सीबीआई की एक टीम रायबरेली में घटना स्थल पहुंची जबकि दूसरी टीम केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंची जहां उन्नाव रेप कांड की पीड़िता और उसके वकील का इलाज चल रहा है।
सीबीआई के अधिकारियों को बताया गया कि दोनों घायल अभी अचेतावस्था में हैं। पीड़िता के सीने और पैर की कई हड्डियां टूट गई हैं। सिर में भी फ्रेक्चर है। दोनों को ही वेंटीलेटर पर रखा गया है। इस पर सीबीआई के अधिकारियों ने डाक्टरों ने बताया कि इस मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। पीड़िता और वकील जब भी बयान देने की स्थिति में हों या वह जांच अधिकारी को कुछ बताना चाहते हों, तो इसकी सूचना सीबीआई को तत्काल दी जाए।
इस बारे में सीबीआई के अधिकारियों ने केजीएमयू के सीएमएस और दोनों का इलाज कर रहे डॉक्टर को लिखित में निर्देश दिए हैं। उधर, सीबीआई के अपर पुलिस अधीक्षक राम सिंह के नेतृत्व में एक टीम रायबरेली पहुंची। टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।
गुरुबख्शगंज थाने की एफआईआर सीबीआई ने अपने यहां दर्ज की
प्रदेश सरकार की सिफारिश पर जांच कर रही सीबीआई रायबरेली में दर्ज एफआईआर अपने यहां दर्ज कर तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है। उक्त एफआईआर में 10 लोगों को नामजद किया गया है और 15-20 अज्ञात लोगों को इस साजिश के पीछे बताया है।
नामजद किए गए लोगों में उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज कुमार सेंगर, प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह के दामाद अरुण सिंह, विनोद मिश्रा, हरिपाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रिंकू सिंह और एडवोकेट अवधेश सिंह शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्तों से भी सीबीआई की टीम रायबरेली में पूछताछ कर सकती है। साथ ही जेल में बंद इस एफआईआर के वादी पीड़िता के चाचा का भी बयान दर्ज करने जेल जाएगी।