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68,500 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, जांच शुरू

Wed, 05 Dec 2018 08:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 में हुई अनियमितताओं के मामले में लखनऊ कार्यालय में मुकदमा दर्ज कर लिया। सीबीआई परीक्षा प्रक्रिया के सभी पहलुओं की जांच करेगी। अदालत ने सीबीआई को इस मामले में दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 68,500 पदों के लिए भर्ती परीक्षा 2018 में बड़े पैमाने पर धांधली होने की शिकायत सामने आई थी। कई अभ्यर्थियों ने इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाया हुआ था।

अभ्यर्थियों ने अदालत में परीक्षा में कई तरह की अनियमितता होने के साक्ष्य पेश किए थे। अदालत ने इन अनियमितताओं का हवाला देते हुए सीबीआई के निदेशक को इस भर्ती परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं के साथ ही परीक्षा के सभी पहलुओं की जांच कराने के निर्देश दिए थे।

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अदालत ने आदेश में कही ये बातें

अपने आदेश में अदालत ने कहा है कि परीक्षा कराने वाली संस्था व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। यह भी आरोप है कि परीक्षा कराने वाले अधिकारियों ने बेसिक शिक्षा विभाग, लखनऊ के कुछ अधिकारियों व अन्य के साथ षड्यंत्र कर परीक्षा में धांधली की।

अदालत ने कहा कि सामने आए तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग व परीक्षा नियामक प्राधिकरण, इलाहाबाद के अनजाने अधिकारियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 201, 409, 420, 467, 468, 471 व पीसी एक्ट 1988 के सेक्शन 13 (1) (ए) सपठित 13 (बी) के तहत आरोप बनता है।
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शिकायतकर्ताओं ने अदालत में पेश की आंसर शीट की कार्बन कापी

शिकायतकर्ताओं ने अदालत में परीक्षा में जारी आंसर शीट की कार्बन कापी व आंसर की भी प्रस्तुत की थी। इसमें साबित हुआ था कि अधिक नंबर पाने वाले कई अभ्यर्थियों का चयन नहीं किया गया जबकि उनसे काफी कम नंबर पाने वालों को उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया।

इसके अलावा कई अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका के पन्ने फाड़ कर दूसरे अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका में लगा दिए गए थे। यह पाया गया था कि 23 अभ्यर्थी जिन्हें चयनित घोषित कर दिया गया था वह फेल थे।

ठीक इसी तरह दूसरी सूची में लिखित परीक्षा में अनुत्तीर्ण पाए गए 24 अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। अदालत के सामने परीक्षा में कई और अनियमितताओं का हवाला दिया गया।
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