- सीबीआई ने जांच में बिल्डर कंपनी को नहीं पाया दोषी
- बैंक अधिकारी ने भी सीबीआई की जांच रिपोर्ट पर नहीं जताई आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। सीबीआई की भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत ने डिजर्व बिल्डर एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ बैंक के साथ धोखाधड़ी व अन्य आरोपों में सीबीआई की जांच के बाद दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए मामले को समाप्त कर दिया है।
लखनऊ स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन रीजनल हेड संतोष कुमार शुक्ला ने डिजर्व बिल्डर के निदेशकों संतोष कुमार सारदा, मनीष लक्ष्मण सारदा, उत्कर्ष सारदा और दीपक लक्ष्मण सारदा व अन्य के खिलाफ बैंक से प्राप्त पैसों को गलत तरह से डायवर्ट करने और बैंक से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। यह मामला लखनऊ से जुड़ा है।
सीबीआई की जांच में पाया गया कि आरोपियों ने बैंक के साथ धोखाधड़ी नहीं की और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोई गलत कार्य नहीं किया। साथ ही जांच में किसी बैंक अधिकारी की संलिप्तता भी नहीं पाई गई। मामले में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता संतोष कुमार शुक्ला को उनका पक्ष जानने के लिए बुलाया। उन्होंने न्यायालय में बताया कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट सही है लेकिन मैं सेवानिवृत हो चुका हूं। बैंक के सक्षम अधिकारी को बुलाकर बैंक का पक्ष सुना जाना चाहिए न्यायालय ने तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मारकण्डे यादव को बुलाया। उन्होंने भी क्लोजर रिपोर्ट पर सहमति जताई और मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही।