राज्य कर्मचारियों व पेंशनरों को आकस्मिक व असाध्य बीमारियों में कैशलेस इलाज की सुविधा देने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। यह सुविधा केंद्रीय कर्मचारियों को मिल रही सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) की तर्ज पर मिलेगी।
हालांकि आकस्मिक व असाध्य श्रेणी से बाहर की बीमारियों के इलाज में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति की मौजूदा व्यवस्था बनी रहेगी। राज्य कर्मचारी लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे थे।
मुख्य सचिव आलोक रंजन के निर्देश पर इस पर विचार के लिए प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की गई थी। समिति में प्रमुख सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति किशन सिंह अटोरिया, प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा और प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरविंद कुमार शामिल थे।
समिति ने कैशलेस बीमा योजना लागू करने पर सहमति देते हुए इसे लागू करने के लिए अपनी सिफारिशें दे दी हैं। कार्मिक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिफारिशों को क्रियान्वित करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी। समिति ने इसके लिए चिकित्सा परिचर्या सेवा नियमावली में जरूरी संशोधन की सिफारिश की है। इसकी कार्यवाही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग करेगा।