फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार लगने पर तत्काल बढ़ाई जाएंगी कैश लेन

Sat, 14 Dec 2019 08:08 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार लगने पर कैश (हाईब्रिड) लेन की संख्या बढ़ाई जाएगी। कैश लेन बढ़ाने के बारे में निर्णय मौके पर मौजूद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी लेंगे। रविवार की सुबह 8 बजे से डिजिटल टोल कलेक्शन की फास्टैग व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। 
विज्ञापन


वहीं, इसके चलते कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा न हो, इसलिए एनएचएआई ने शनिवार की देर शाम अपने अधिकारियों को एक गोपनीय सर्कुलर भेजा है। इसमें मौके की स्थिति को भांपते हुए एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों को नियमों में ढील देने का अधिकार दे दिया गया है।

रविवार को प्रात: 8 बजे से लागू हो रही नई व्यवस्था में प्रत्येक टोल प्लाजा पर दोनों दिशा में सिर्फ एक-एक लेन ही हाईब्रिड होगी। यानी, दोनों तरफ की इन एक-एक लेन में ही टोल शुल्क का नकद भुगतान किया जा सकेगा। इसे हाईब्रिड लेन नाम इसलिए दिया गया है, क्योंकि यहां कैश के साथ-साथ फास्टैग सुविधा से पेमेंट की सुविधा भी होगी। अगर बिना फास्टैग वाला कोई वाहन फास्टैग वाली लेन में प्रवेश करता है, तो उससे दोगुना टोल वसूलने का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन


एनएचएआई फास्टैग के माध्यम से डिजिटल कलेक्शन के लिए अक्तूबर से अभियान चला रहा है, लेकिन शुक्रवार को कुल टैक्स कलेक्शन का मात्र 44 फीसदी ही फास्टैग के माध्यम से आया। यह राशि 37 करोड़ रुपये थी। यानी अभी भी बड़ी मात्रा में लोगों ने फास्टैग सुविधा को नहीं अपनाया है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक, 25-30 फीसदी वाहन स्वामियों ने फास्टैग लिए हैं। ऐसे में एकाएक फास्टैग व्यवस्था लागू होने पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के अंदेशे से इन्कार नहीं किया जा रहा है।

इन परिस्थितियों के मद्देनजर, एनएचएआई ने नई गाइडलाइंस सभी क्षेत्रीय अधिकारियों और परियोजनाओं निदेशकों को भेजी हैं। इसमें कहा गया है कि जरूरत के हिसाब से 25 फीसदी तक लेन हाईब्रिड की जा सकती हैं। मान लीजिए कि अगर किसी टोल प्लाजा पर 16 लेन हैं, तो दोनों ओर की चार लेन तक हाईब्रिड या कैश लेन की जा सकती हैं। हाईब्रिड लेन की संख्या बढ़ाने का निर्णय लेने का अधिकार संबंधित परियोजना निदेशक (पीडी) को दिया गया है।

तय हुआ है कि लखनऊ-कानपुर हाईवे (एनएच-2) पर सुबह के समय लखनऊ दिशा की ओर ज्यादा वाहन निकलते हैं, इसलिए जरूरत पड़ने पर टोल प्लाटा पर इस दिशा की दो लेन कैश पेमेंट के लिए खोली जा सकती हैं। वहीं, शाम के समय कानपुर की दिशा वाली दो लेन पर कैश पेमेंट लेने की व्यवस्था हो सकती है। 

कोई भी पीडी ऐसा करने का निर्णय तभी लेगा, जब टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार 500 मीटर या उससे ज्यादा होगी। एनएचएआई मुख्यालय की ओर से भेजे गए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि 8 लेन से ज्यादा वाले टोल प्लाजा पर हर हाल में 75 फीसदी लेन फास्टैग रखी जाएंगी। इन निर्देशों में कहा गया है कि हमें फास्टैग व्यवस्था लागू करनी है, लेकिन यह भी देखना होगा कि इससे कहीं भी कानून-व्यवस्था की समस्या न खड़ी होने पाए।
विज्ञापन

1033 पर दर्ज कराएं शिकायत

यूपी में एनएचएआई के कुल 57 टोल प्लाजा हैं। क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि सभी टोल प्लाजा की सभी लेन पर फास्टैग के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। किसी भी वाहन स्वामी या चालक को कोई असुविधा होने पर, वह अपनी शिकायत हेल्प लाइन नंबर 1033 पर दर्ज करा सकता है।

प्रत्येक टोल प्लाजा पर मौजूद रहेंगे एनएचएआई के अफसर

फास्टैग व्यवस्था लागू होने के पहले दिन रविवार को प्रत्येक टोल प्लाजा पर एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि किसी तरह की समस्या खड़ी होने पर तत्काल निर्णय लिए जा सकें। अब्दुल बासित ने बताया कि यूपी के सभी टोल प्लाजा के लिए अधिकारियों को नामित कर दिया गया है। वह खुद लखनऊ-कानपुर हाईवे पर कानपुर देहात स्थित बारह जोड़ टोल प्लाजा पर उपस्थित रहेंगे।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें