गुजरात के नवा रामजी मंदिर रेलवे स्टेशन रोड के पुजारी हरिओम दुबे की दिल्ली निवासी युवती से फेसबुक पर दोस्ती हुई। दोस्ती प्यार में बदली। इसके बाद युवती के झांसे में आया पुजारी शादी करने लखनऊ पहुंच गया। यहां जालसाज ने उनके जेवरात व नकदी लेकर भाग निकला। पुजारी के मुताबिक, इससे पहले युवती ने कई बार में सोने के जेवरात व नकदी गिफ्ट लिए थे। पीड़ित ने आलम बाग थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
केस-2
एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर जालसाज ने उन्हीं के दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। कुछ के स्वीकार करने के बाद उनसे मदद के नाम पर रुपये ऐंठे। एसीपी ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की। इसके बाद इसकी जांच की जा रही है।
केस-3
चिनहट के सुरेंद्र नगर निवासी अमित सिंह के चाचा उमेश सिंह का फेसबुक का फर्जी आईडी बनाकर जालसाजों ने उसी से 50 हजार रुपये ठग लिए। इसके बाद 20 हजार रुपये की और मांग की तो जालसाजी का खुलासा हुआ। पीड़ित ने चिनहट में मुकदमा दर्ज कराया।
केस-4
कैंट के शिशिर कुमार की फेसबुक आईडी हैक कर जालसाज ने उनके दोस्तों को मैसेज भेजा। उसमें शिशिर के परिवार को कोरोना संक्रमित बताया। इसके बाद इलाज के लिए 60 हजार रुपये भी मांग लिए। परिचित ने रुपये भेज दिए। इसके बाद हालचाल पूछने के लिए कॉल की तो जालसाजी का खुलासा हुआ। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है।
इस तरह के सैकड़ों मामले लखनऊ के साइबर क्राइम सेल के सामने आते हैं। जिनमें से पुलिस टीम एक चौथाई का ही खुलासा कर पाती है। वहीं, इस सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर ठगी करने में एक और तरीका अपनाया जाता है। जिसमें फेसबुक पर विदेशी व्यक्ति की प्रोफाइल लगाकर दोस्ती की जाती है। इसके बाद उनसे गिफ्ट भेजने के नाम पर लाखों रुपये ठगे जाते हैं।