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फेसबुक पर दोस्ती कर मदद व गिफ्ट के नाम पर ठगी, यूं करें बचाव

Thu, 18 Jun 2020 02:26 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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केस-1
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गुजरात के नवा रामजी मंदिर रेलवे स्टेशन रोड के पुजारी हरिओम दुबे की दिल्ली निवासी युवती से फेसबुक पर दोस्ती हुई। दोस्ती प्यार में बदली। इसके बाद युवती के झांसे में आया पुजारी शादी करने लखनऊ पहुंच गया। यहां जालसाज ने उनके जेवरात व नकदी लेकर भाग निकला। पुजारी के मुताबिक, इससे पहले युवती ने कई बार में सोने के जेवरात व नकदी गिफ्ट लिए थे। पीड़ित ने आलम बाग थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
केस-2
एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर जालसाज ने उन्हीं के दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। कुछ के स्वीकार करने के बाद उनसे मदद के नाम पर रुपये ऐंठे। एसीपी ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की। इसके बाद इसकी जांच की जा रही है। 
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केस-3
चिनहट के सुरेंद्र नगर निवासी अमित सिंह के चाचा उमेश सिंह का फेसबुक का फर्जी आईडी बनाकर जालसाजों ने उसी से 50 हजार रुपये ठग लिए। इसके बाद 20 हजार रुपये की और मांग की तो जालसाजी का खुलासा हुआ। पीड़ित ने चिनहट में मुकदमा दर्ज कराया।
केस-4
कैंट के शिशिर कुमार की फेसबुक आईडी हैक कर जालसाज ने उनके दोस्तों को मैसेज भेजा। उसमें शिशिर के परिवार को कोरोना संक्रमित बताया। इसके बाद इलाज के लिए 60 हजार रुपये भी मांग लिए। परिचित ने रुपये भेज दिए। इसके बाद हालचाल पूछने के लिए कॉल की तो जालसाजी का  खुलासा हुआ। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है।

इस तरह के सैकड़ों मामले लखनऊ के साइबर क्राइम सेल के सामने आते हैं। जिनमें से पुलिस टीम एक चौथाई का ही खुलासा कर पाती है। वहीं, इस सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर ठगी करने में एक और तरीका अपनाया जाता है। जिसमें फेसबुक पर विदेशी व्यक्ति की प्रोफाइल लगाकर दोस्ती की जाती है। इसके बाद उनसे गिफ्ट भेजने के नाम पर लाखों रुपये ठगे जाते हैं। 

 

कॉन्टेक्ट को भी करें ब्लॉक इसे सिर्फ खुद देखने की सेटिंग में रखें

प्रतीकात्मक तस्वीर
इसी तरह विदेशी निवेश और कंपनियों की एजेंसी देने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी हो रही है। इस तरह के आधा दर्जन नाइजीरियन गिरोह को लखनऊ की साइबर क्राइम सेल ने पकड़ा भी है। लेकिन कुछ दिनों बाद जमानत मिलते ही वह फिर से सक्रिय हो जाते हैं।

साइबर क्राइम सेल के एसीपी विवेक रंजन राय के मुताबिक, फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्क पर सुरक्षित रहने के लिए खुद से कई उपाय करने होंगे। इसमें अपना अकाउंट खोलने के समय प्राइवेसी में जाकर प्रोफाइल पिक्चर को लॉक करें। अगर अनलॉक रहा तो कोई भी इसका प्रयोग गलत काम के लिए आपके नाम की प्रोफाइल तैयार कर सकता है।

वहीं, कॉन्टेक्ट को भी ब्लॉक करें। इसे सिर्फ खुद देखने की सेटिंग में रखें। ताकि कोई भी आपके दोस्तों की सूची और नंबर न हासिल कर सके। विदेशी महिला व किसी अंजान की दोस्ती को स्वीकार करने से पहले उसके प्रोफाइल को चेक करें। टाइम लाइन में जाकर उसकी पूरी हिस्ट्री देख लें। अगर वह आपके किसी परिचित कि संपर्क में है या नहीं इसका खुलासा हो जाएगा।
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फेसबुक से संबंधी अपराध से बचें

- हमेशा टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें। - अंजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें। - अपना पासवर्ड कभी भी किसी अंजान को शेयर न करें। - फेसबुक पर कोई भी अंजान लिंक को न खोलें। - संभव हो लोकेशन फीचर इनेबल न करें। - किसी अन्य मोबाइल या डेस्क टॉप पर अपनी गोपनीय आईडी न खोलें। 

लगातार बढ़ रहे फेसबुक पर ठगी के मामले
पिछले दो सालों में साइबर अपराध में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। साइबर अपराध का ग्राफ हर साल दो से ढाई गुना बढ़ता जा रहा है। जहां 2018 में 1687 मामले साइबर क्राइम सेल के सामने आए। इसमें 935 मामले खाते से रकम उड़ाने के थे। 752 मामले फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया पर ठगी के। जबकि 2019 में यह ग्राफ बढ़कर 2359 पहुंच गया।

इसमें करीब 976 मामले सोशल मीडिया पर ठगी के सामने आए। 2020 में साइबर क्राइम से जुडे़ कुल 1226 मामले सामने आए हैं। इसमें लॉकडाउन के दौरान 360 मामले हैं। इसमें फर्जी प्रोफाइल, आईडेनटीटी कॉपी, ऑनलाइन लॉब, मैट्रीमोनियल के कुल 123 से अधिक मामले हैं। यह आंकड़ा सिर्फ साइबर क्राइम सेल का हैं। थानों व एटीएफ के साइबर क्राइम थाने में दर्ज मामले अलग हैं।
 
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