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भ्रष्टाचार पर कसा शिकंजा : आईएएस समेत पांच अफसरों के खिलाफ दर्ज होगा केस

Fri, 03 May 2019 12:07 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ

सार

  • दोषी अफसर कर्मी निलंबित होंगे, सतर्कता जांच के भी आदेश, फर्में होंगी ब्लैकलिस्ट
  • सेवा प्रदाता से चतुर्थ श्रेणी के पद पर चयनित 3833 लोगों से काम न लेने के आदेश
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case - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तहसील व कलेक्ट्रेट कार्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के खाली पदों पर भर्ती मामले में कृषि उत्पादन आयुक्त की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की मंजूरी दे दी है। 
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राजस्व विभाग ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री का आदेश मिलने के बाद एक आईएएस व एक पीसीएस अफसर समेत पांच अधिकारियों व अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराने और निलंबित कर सतर्कता जांच कराने के आदेश दिए। 

वहीं सेवा प्रदाता संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी राजस्व परिषद को दी गई है। चयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से सेवा न लेने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
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लघु उद्योग निगम की ओर से तहसीलों व कलेक्ट्रेट में 3833 चतुर्थ श्रेणी के खाली पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती की कार्यवाही शुरू की गई थी। इसमें शिकायत हुई थी कि टेंडर के नियमों को धता बताते हुए अभ्यर्थियों से धन उगाही कर नियुक्ति पत्र जारी किए गए। 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच एपीसी से कराई गई थी, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कई स्तर पर जांच व कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के अलग-अलग पत्र शासन के विभागों व राजस्व परिषद को भेज दिए हैं।

इस तरह होगी कार्रवाई

  • जांच में प्रथमदृष्टया उत्तरदायी व दोषी पाए गए  तत्कालीन प्रबंध निदेशक लघु उद्योग निगम केदारनाथ व उप भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद सुनील कुमार चौधरी, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी प्रदीप कुमार, उप प्रबंधक लेखा केएन अवस्थी व प्रबंधक मैनपॉवर राजीव त्रिपाठी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज होगा। इसके लिए आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद को आदेश दिए गए हैं।
  • दोषी पाए अफसरों को निलंबित कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के लिए नियुक्ति, वित्त व सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग को आदेश दिए गए हैं।
  • प्रमुख सचिव गृह को दोषी अधिकारियों के खिलाफ सतर्कता जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।
  • जांच में दोषी पाई गई संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट करने, सिक्योरिटी की रकम जब्त करने के आदेश सचिव एवं आयुक्त राजस्व परिषद को दिए गए हैं।
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग को लघु उद्योग निगम में कार्यरत अन्य अधिकारियों को चिह्नित कर सरकार की उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से जांच कराने के आदेश दिए गए हैं।
  • सेवा प्रदाता संस्थाओं का इम्पैनलमेंट समाप्त होने की वजह से इन संस्थाओं के नियुक्त किए गए चतुर्थ श्रेणी संविदा कर्मियों की संविदा समाप्त कर उनसे कार्य न लेने संबंधी कार्रवाई के आदेश आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद को दिए गए हैं।
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इन संस्थाओं के खिलाफ भी एफआईआर, ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई

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