मेरठ और इटावा में छात्रों की ज्यादा संख्या दिखाकर किए गए छात्रवृत्ति घोटाले के 109 मामलों में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) केस दर्ज करेगी। मेरठ में 23 और इटावा के 86 मामलों में मुकदमा दर्ज होगा। मेरठ में वर्ष 2010-11 तो इटावा में 2008-09 में बड़े पैमाने पर छात्रवृत्ति का घोटाला हुआ था। शासन ने बुधवार को केस दर्ज करने को हरी झंडी दे दी।
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि ये मामले काफी समय से लंबित थे। ईओडब्ल्यू ने हाल ही में जांच पूरी कर विभिन्न मामलों की कुल 259 रिपोर्ट शासन को सौंपीं थीं। इनमें छात्रवृत्ति घोटाले से संबंधित 118 मामले थे।
जांच में 9 मामलों में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। शासन ने 109 मामलों में एफआईआर दर्ज करने और जिन 9 मामलों में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई उनकी जांच बंद करने की अनुमति दे दी है।
तत्कालीन अफसर, स्कूल मैनेजर और प्रिंसिपल होंगे नामजद
आर्थिक अपराध शाखा के डीजी आरपी सिंह ने बताया कि अब इन मामलों में केस दर्ज कर विवेचना की जाएगी। इटावा और मेरठ के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के अलावा स्कूल के प्रिंसिपल और मैनेजर को नामजद किया जाएगा। आर्थिक अपराध शाखा की टीम इन अधिकारियों से पूछताछ कर जरूरी दस्तावेज जुटाएगी और जांच को आगे बढ़ाएगी।