रायबरेली। बछरावां-रायबरेली रेलखंड पर पटरियों पर पत्थर रखे जाने के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई थी, लेकिन कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर रेलवे सुरक्षा बल ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। इसमें बिना अनुमति रेलवे ट्रैक में प्रवेश करने और यात्रियों की जान जोखिम में डालने की बात कही गई है।
शुक्रवार रात लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस शहर के रेलवे स्टेशन रायबरेली पहुंचने वाली थी, तभी होम सिग्नल से पहले चंपा देवी पुल के पास रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखे दिखे थे। ट्रेन रोक कर लोको पायलट ने पत्थर हटाए और फिर ट्रेन आगे बढ़ाई। मामले में बछरावां के वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) शुभव श्रीवास्तव ने केस दर्ज किए जाने के लिए शहर कोतवाली में तहरीर दी थी, लेकिन कोई केस दर्ज नहीं किया गया। आरपीएफ ने मामले में रेलवे एक्ट की दो धाराओं में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी आलोक मौर्य ने बताया कि बिना अनुमति रेलवे ट्रैक में प्रवेश करने और यात्रियों की जान जोखिम में डालने के मामले में केस दर्ज किया गया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
ट्रैक पर था एक बड़ा पत्थर, दो छोटे
घटना के बाद रेलवे ने छानबीन कराई। घटनास्थल पर आरपीएफ के उपनिरीक्षक जगमोहन डिमरी और मालती देवी पहुंची। वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) शुभव श्रीवास्तव ने भी मुआयना किया। बाद में राजकीय रेलवे पुलिस, सिविल पुलिस की टीम ने भी जायजा लिया।
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पता चला कि चंपा देवी पुल के निकट डाउन लाइन के ट्रैक पर पत्थर का सफेद चूरा लगा मिला। ट्रैक के दक्षिण तरफ एक बड़ा पत्थर और दो छोटे पत्थर पड़े मिले, जिन पर रगड़ के निशान थे। लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस के लोको पायलट एचपी सरोज से मोबाइल पर वार्ता की गई। लोको पायलट ने बताया कि इंजन में कोई क्षति नहीं हुई है।