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ट्रांसपोर्टनगर में भूखंड कब्जा करने में छह पर केस, एलडीए की जाली रजिस्ट्री दिखाकर बेचे गए थे भूखंड

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एलडीए की ट्रांसपोर्टनगर योजना में जाली दस्तावेज और रजिस्ट्री का उपयोग कर बेचे गए तीन भूखंड के प्रकरण में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। इसमें तीन भूखंड बेचने वाले और तीन खरीदने वाले शामिल हैं। तीनों भूखंडों की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई जा रही है। 80 भूखंड की जांच के बाद तीन भूखंड एफ 250, एफ 340, एफ 92 में फर्जीवाड़ा एलडीए सचिव पवन गंगवार ने पकड़ा था। अब वीसी अभिषेक प्रकाश के आदेश पर केस दर्ज कराया गया है।
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एलडीए की तरफ से एफआईआर तहसीलदार राजेश शुक्ला ने कराई है। इसमें कहा गया है कि भूखंड एफ 250 के लिए दो सितंबर 1999 को पुस्तक संख्या-1, खंड संख्या 3251, पृष्ठ संख्या 1913 से 1935 पर क्रमांक 885/99 को एलडीए से रजिस्ट्री दिखाई गई। इसके आधार पर लखनऊ निवासी ललित सोंधी और संजय सिंह के बीच 23 सितंबर 2020 को विक्रय विलेख हुआ। इसी तरह भूखंड एफ 340 के लिए इसी जानकारी पर दूसरी रजिस्ट्री दर्ज दिखाई गई। इसके आधार पर इस भूखंड के लिए लखनऊ निवासी गौतम मधमान और सोनभद्र निवासी देवेंद्र के बीच 29 जुलाई 2020 को अनुबंध हुआ। तीसरे भूखंड एफ 92 के लिए पांच मई 2000 को पुस्तक संख्या-1, जिल्द संख्या 125, पृष्ठ संख्या 46, अतिरिक्त बही 1, बुक संख्या 172 के पृष्ठ संख्या 563 से 574 क्रमांक 10993 पर एलडीए से रजिस्ट्री दिखाई गई। इसके आधार पर लखनऊ निवासी सतवीर ने जौनपुर के दीपक शुक्ला की रजिस्ट्री की है।
एलडीए का कहना है कि जब विधिक सलाहकार विजय प्रताप सिंह चौहान ने रजिस्ट्री कार्यालय में जानकारी की तो वहां एलडीए की तरफ से कोई बैनामा होना नहीं मिला है। इससे पता चला है कि झूठी और भ्रामक जानकारी और जाली दस्तावेज का उपयोग कर रजिस्ट्री की गई। यह एलडीए की संपत्ति हड़पने का प्रयास है। गोमतीनगर पुलिस ने अब प्रकरण में इन सभी छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है।
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व्यवस्था की खामियों का उठाया फायदा
रजिस्ट्री कार्यालय में काम के बोझ और व्यवस्था में खामी का फायदा उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर पुरानी रजिस्ट्री का जिक्र होने पर पूर्व के रिकॉर्ड की जांच नहीं होती। ऐसा संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति के खुद सत्यापन कर लेेने के बाद ही रजिस्ट्री कराने की प्रचलित मान्यता बनी हुई है। रजिस्ट्री कार्यालय में भी स्टांप वैल्यू और रजिस्ट्री करने वाले व्यक्ति की पहचान पर ही अधिक ध्यान दिया जाता है। इन लोगों ने इसी का फायदा उठाया।
देर शाम भूखंडों पर लिया कब्जा
वीसी के आदेश पर ट्रांसपोर्टनगर के तीनों भूखंड पर देर शाम बृहस्पतिवार को भौतिक कब्जा भी एलडीए ने ले लिया। प्रभारी संपत्ति आनंद कुमार सिंह के आदेश पर यह कार्रवाई टीम ने कराई। भूखंडों पर बोर्ड भी एलडीए ने लगा दिए।
यहां, पांच महीने बाद भी आरोपी जेल में नहीं
वहीं दूसरी ओर एलडीए के कंप्यूटर रिकॉर्ड बदलने के मामले में सभी आरोपी कार्रवाई से दूर हैं। एलडीए बाबू अजय वर्मा जहां फरार है, वहीं कार्यदायी संस्था एक्मे डिजिटेक के जिन दो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराई गई थी उनकी भी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। 50 भूखंड से यह जांच शुरू हुई। अब यह संख्या 486 पर पहुंच गई है, जिनके रिकॉर्ड बदल दिए गए। सचिव का कहना है कि एलडीए अपनी कार्रवाई कर चुका है। पुलिस से भी अद्यतन सूचना पर पूछा गया है, जिससे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
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