इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रतापगढ़ में भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता व समर्थकों पर हमला मामले में दो आरोपियों को राहत दी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि याचियों के खिलाफ ठोस सुबूत मिलने पर ही उनकी गिरफ्तारी की जाए। वहीं, याचिका में पक्षकार भाजपा सांसद को भी नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ ने यह आदेश चंद्रशेखर सिंह व एक अन्य आरोपी की याचिका पर दिया। इसमें भाजपा सांसद द्वारा दर्ज कराई एफआईआर समेत सभी छह प्राथमिकी को चुनौती दी गई है। ये सभी एफआईआर 25 सितंबर को संगम लाल गुप्ता व उनके समर्थकों पर हमले से संबंधित हैं, जो प्रतापगढ़ के लालगंज थाने में दर्ज कराई गई हैं। इनमें से एक एफआईआर खुद भाजपा सांसद ने दर्ज कराई है।
इसमें उन्होंने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और उनकी बेटी आराधना मिश्रा समेत 27 लोगों को नामजद किया है। 50 हमलावरों को अज्ञात बताया गया है। सांसद की ओर से एफआईआर धारा 307 (हत्या का प्रयास) व अन्य आरोपों के तहत दर्ज कराई गई है। अदालत ने मामले में राज्य सरकार समेत सभी पक्षकारों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। इसके बाद दो सप्ताह में याची प्रतिउत्तर दाखिल कर सकेंगे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई छह हफ्ते बाद नियत की है।