दंगे के आरोपियों की होर्डिंग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय की सोशल मीडिया पर आलोचना व न्यायाधीशों के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कराया है।
उनका कहना है कि ट्विटर समेत सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों और वेबसाइट पर हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के लिए हैशटैग के माध्यम से बेहद अनुचित, अमर्यादित, आपत्तिजनक और भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कई लोगों ने न्यायाधीशों को एक धर्मविशेष का समर्थक होने, दंगे का समर्थन करने, पाकिस्तान के लिए काम करने और आईएसआई का समर्थक होने जैसी बातें तक कहीं। यह घृणा-विद्वेश का माहौल बनाने को कुछ लोगों की सोची-समझी साजिश है।
नूतन ठाकुर ने कहा कि विधिक व्यवस्था में न्यायालयों तथा न्यायाधीशों के लिए ऐसी आलोचना स्वीकार्य नहीं है। यह हमारी संवैधानिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार करता है। इंस्पेक्टर धीरज कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।