सीजेएम कोर्ट में शुक्रवार को बसपा के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ परिवाद दर्ज किया गया।
कोर्ट ने परिवाद दर्ज करने का यह आदेश मौर्या पर विवाह के मौके पर गौरी-गणेश पूजा नहीं करने के लिए उकसाने और हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दिया है।
सीजेएम सुनील कुमार ने वादी के बयान दर्ज करने के लिए 12 दिसंबर की तारीख तय की है।
कोर्ट में ध्रुव कुमार सिंह ने मौर्या पर मुकदमा दर्ज करने मांग वाली अर्जी देकर बताया कि 22 सितंबर को एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में स्वामी प्रसाद मौर्या की एक खबर छपी थी।
खबर के मुताबिक स्वामी प्रसाद मौर्या ने राजधानी में ताड़ीखाने के पास आयोजित कर्पूरी ठाकुर भागीदारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि विवाह के अवसर पर गौरी-गणेश की पूजा न करें।
खबर के मुताबिक उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी।
अर्जी में कहा गया है कि मौर्या ने ऐसी टिप्पणी से वादी की भावनाओं को ठेस पहुंचा है। साथ ही हिंदू समाज में आक्रोश पैदा हुआ है।