लखनऊ। गाजीपुर इलाके में रहने वाली श्वेता सिंह की इंफिनिटी इनकॉर्पेरेशन नाम की फर्म है। श्वेता ने साल 2020 फरवरी में फर्म के पार्टनर हरिद्वार निवासी बलवीर सिंह और सुरेश कुमार के साथ मिलकर हरिद्वार में खनन के लिए जमीन खरीदी थी। लॉकडाउन के कारण वह साइट पर जा नहीं सकी। इसका फायदा उठाते हुए बलवीर और सुरेश ने फर्जी दस्तावेज लगाकर खनन का कार्य शुरू कर दिया। पीड़िता को जानकारी होते ही गाजीपुर थाने में दोनों के खिलाफ रविवार को मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जांच की जा रही है।
गाजीपुर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत मिश्रा के मुताबिक, श्वेता सिंह की तहरीर में आरोप है कि पिछले साल 2020 में भाई के जरिए उनकी मुलाकात हरिद्वार में बलबीर और सुरेश से हुई थी। दोनों ने बताया कि उनके पास पट्टा तो है लेकिन काम करने के लिए रकम नहीं है। इस पर श्वेता ने कहा कि रुपये वह लगा देंगी और पट्टा उनका रहेगा। इसके बाद दोनों के साथ मिलकर रामपुर गांव तहसील लक्सर हरिद्वार में जमीन खरीद ली। इस दौरान श्वेता ने करीब 42 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिनों में लॉकडाउन लग गया। श्वेता हरिद्वार पर अपनी साइट पर जा नहीं सकी।
उधर बलबीर और सुरेश ने फर्जी दस्तावेज लगाकर खनन विभाग से पट्टा संचालन के लिए अनुमति ले ली। कुछ दिनों बाद श्वेता के पास नोटिस आया तो वह दंग रह गईं। उनको अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है। उनकी पूरी रकम हड़प ली गई है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, तहरीर की जांच करने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पूछताछ के लिए दोनों को बुलाया गया है।