परशदेपुर-डीह (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में रविवार को परशदेपुर कस्बे की एक आरामशीन पर एसडीएम व तहसीलदार ने छापा मारकर एक लाख कीमत की प्रतिबंधित लकड़ी बरामद की। इसमें केवल ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर वन विभाग व पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मामले में लीपापोती करने में जुटा है।
वन दरोगा ने दो पेड़ मालिक व काटने वाले ठेकेदार के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने केवल ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिस आरा मशीन पर लकड़ी बरामद की गई, उसके खिलाफ वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे साफ जाहिर है कि वन विभाग और पुलिस आरा मशीन संचालक व पेड़ मालिकों को बचाने में जुटा हैं। पुलिस और वन विभाग एसडीएम के आदेश को भी नहीं मान रहे हैं।
रामपुर अहोरा गांव के निकट छह महुआ के हरे पेड़ काटे गए और लकड़ी परशदेपुर के आरामशीन पर डंप की गई। रविवार को ग्रामीणों की शिकायत पर सलोन एसडीएम आशुतोष राय व तहसीलदार प्रज्ञा द्विवेदी ने छापा मारा तो लकड़ी बरामद हुई। एसडीएम ने मामले में सभी पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। देर रात वन दारोगा गंगा प्रसाद ने पेड़ मालिक रामप्रसाद व हुबलाल निवासी परशदेपुर और ठेकेदार अनीश निवासी वार्ड नंबर पांच नगर पंचायत परशदेपुर के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने केवल ठेकेदार अनीश के खिलाफ केस दर्ज किया।
एसओ जेपी सिंह ने बताया कि ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर जांच कराई जा है। उधर, वन क्षेत्राधिकारी सलोन श्यामसुंदर त्रिपाठी ने बताया कि जिस आरा मशीन पर लकड़ी बरामद हुई, वहां पर संचालक नहीं था। उसकी गैर मौजूदगी में ठेकेदार ने लकड़ी डाल दी थी। पुलिस जांच में यदि आरा मशीन संचालक व अन्य दोषी मिलते हैं, तो कार्रवाई होगी।
आम का हरा पेड़ काटा, केस
बछरावां (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के शेषपुर समोधा गांव के रहने वाले रविशंकर मिश्रा ने तहरीर देकर पेड़ काटने का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि उसका खेत रानीखेड़ा मजरे राजामऊ गांव के पास हैं। इसमें एक आम का हरा पेड़ लगा था। रविवार की रात पेड़ को राजामऊ गांव के रहने वाले गुड्डू ने चोरी से काट लिया है। कोतवाल विजेंद्र शर्मा ने बताया कि गुड्डू के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई कि जा रही है।