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क्वीन मेरी अस्पताल में 13 दिन के नवजात पर गिरा पंखा

Wed, 17 Aug 2016 11:57 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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नवजात ‌शि‌शु - फोटो : amar ujala
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केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल में 13 दिन के एक नवजात पर पंखा गिर गया। जिससे शिशु बेहोश हो गया। आनन फानन में उसे ट्रॉमा सेंटर में रेफर किया गया। 
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जहां ट्रॉमा के आर्थोपेडिक्स विभाग की स्पाइनल इंजरी यूनिट में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। परिवारीजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस बीच घटना से नाराज परिवारीजनों ने हंगामा भी किया।

बालागंज निवासी सईदा (28) ने चार अगस्त को क्वीन मेरी में एक शिशु को जन्म दिया। ऑपरेशन से प्रसव होने और डॉक्टरी देखभाल की जरूरत होने के कारण सईदा को भर्ती रखा गया। 
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मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सईदा को टांका कटवाने लेबर रूम ले जाया गया। इस बीच 13 दिन के नवजात को लेकर नानी आसिया जनरल वार्ड के बेड नंबर 208 पर बैंठी थी। इसी बीच सीलिंग फैन अचानक से गिर गया पंखा गिरते ही नवजात बेहोश हो गया।

आस‌िया को भी लगी चोट

सईदा की मां आ‌स‌िया - फोटो : amar ujala
पंखे के ब्लेड से आसिया को भी हलकी चोट लगी है। वार्ड में मौके पर मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने नवजात की जांच करने के बाद हालत गंभीर बता कर ट्रॉमा रेफर कर दिया। 

सीटी स्कैन से पता चला कि बच्चे को अंदरुनी चोट लगी है। कई घंटे बाद हालत में सुधार न होता देख  दोबारा सीटी स्कैन कराया गया। ट्रॉमा में बच्चे की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

क्वीन मेरी में पंखा गिरने से घायल हुए नवजात के वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के तीमारदारों ने बताया की पंखा कई दिन से आवाज़ कर रहा था। कई बार स्टाफ से शिकायत की गई लेकिन किसी ने नही सुनी।

कुछ ने तो यहाँ तक कह दिया की अपना मिस्त्री बुलाकर ठीक करवा लो। इसकी शिकायत पीआरओ से भी की गई पर उन्होंने भी अनसुना कर दिया।
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कई और पंखे भी हैं खराब

यही सी‌ल‌िंग फैन नीचे ‌ग‌िरा - फोटो : amar ujala
क्वीन मेरी अस्पताल में लगे कई और पंखे भी खराब पड़े हैं। इसके बाद भी सम्बंधित विभाग के कर्मचारी उसको ठीक नही करा रहे। प्रशासन की लापरवाही कभी की किसी गर्भवती, प्रसूता, नवजात और तीमारदार की जान पर भारी पड़ सकती है।

अस्पताल में करीब 300 से अधिक पंखे लगे है। सूत्रो की माने तो कई साल से पंखो की सर्विसिंग नही हुई है। जबकि सर्विसिंग के नाम पर हजारों का बिल बनाया जा रहा है। 

एक कर्मचारी की माने तो पंखे जब ख़राब होते हैं तभी उनको देखा जाता है। ऐसे उसकी नियमित जांच कभी नही होती जिससे पता चल सके की किस पंखे का नट कट या टूट गया है। इसी का नतीजा है की आज ये घटना हुई।

‘जनरल वार्ड में भर्ती नवजात के सर पर पंखा गिरने की जानकारी है। ये महज़ एक दुर्घटना है। बच्चे का इलाज़ ट्रॉमा में चल रहा है और उसकी हालात स्थिर बनी हुई है। लापरवाही के आरोप गलत हैं। जो भी गड़बड़ी है उसे ठीक कराया जायेगा।’- डॉक्टर एसपी जैसवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्वीन मेरी
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