घटनास्थल पर पड़ा एक घायल। (फाइल फोटो)
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सड़क सुरक्षा व हादसों के रोकने के प्रस्ताव पर लोक निर्माण विभाग की लापरवाही शनिवार को भारी पड़ गई। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र में स्पीड टॉप टेबल व स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर न बनाए जाने से हुए हादसों में पांच परिवार उजड़ गए। यातायात पुलिस ने बढ़ते सड़क हादसों को रोकने व सड़क सुरक्षा को लेकर पूरे जिले का भ्रमण ही नहीं किया। बल्कि दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में साइन बोर्ड लगाकर वहां पर डिवाइडर व स्पीड टॉप टेबल बनाए जाने की आवश्यकता महसूस की।
इसके बाद चिह्नित स्थलों पर होने वाले निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर सीओ यातायात आतिश कुमार सिंह ने जून माह में डीएम के माध्यम से लोक निर्माण विभाग को भेजा था। इस प्रस्ताव में बिंदौरा में जिस स्थान पर शनिवार को हादसा हुआ वहां भी स्पीड को कम करने के लिए स्पीड टॉप टेबल व वाहनों के ओवरटेक व आमने-सामने होने वाली टक्कर को रोकने के लिए स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर बनाने का सुझाव था। मगर, प्रस्ताव भेजने के एक माह बाद भी लोक निर्माण विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसके चलते शनिवार को हुए हादसे में पांच युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। इसमें तो तीन युवक ऐसे थे जो मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।
ट्रिपलिंग व बिना हेलमेट की आदत ले रही जान
बढ़ते सड़क हादसे को रोकने के लिए चेकिंग अभियान चलाकर ट्रिपलिंग व बिना हेलमेट वालों का चालान किया जा रहा है। मगर, बाइक पर ट्रिपलिंग व बिना हेलमेट के फर्राटा भरने की आदत खासकर युवा पीढ़ी छोड़ नहीं पा रही है। यहीं कारण है कि आए दिन होने वाले सड़क हादसों में उनकी यह आदत जान ले रही है। उसके बाद भी सुधार नहीं दिख रहा है। शनिवार को मसौली थाना क्षेत्र में हुए हादसे में ट्रिपलिंग व बिना हेलमेट फर्राटा भरने वाले पांच युवकों की मौत हो गई।