अंबिका प्रसाद मौर्या को थी पथरी की शिकायत
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पेट में चार साल से पड़े एक फीट लंबे डीजे स्टेंट को लोहिया संस्थान के डॉक्टरों ने निकाल दिया है। एरा मेडिकल कॉलेज में पत्थरी के ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की तरफ से छोड़ गए डीजे स्टेंट से मरीज की परेशानी और बढ़ गई थी।
मरीज के दोबारा एक्सरे कराने पर डीजे स्टेंट का पता चला। आरोप है कि जब मरीज ने इस संबंध में वहां शिकायत की तो उसे एरा अस्पताल से भगा दिया गया।
इंदिरानगर निवासी अंबिका प्रसाद मौर्या (30) को पथरी की शिकायत थी। अंबिका ने एरा मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन कराया था।
इस दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरतते हुए पेट में डीजे स्टेंट छोड़ दिया था। अंबिका को जब एरा अस्पताल से भगा दिया गया तो उसने समाज सेवी अपर्णा यादव से मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने अपने खर्च पर पीड़ित का लोहिया संस्थान में ऑपरेशन करवाया। लोहिया संस्थान के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. ईश्वर राम ध्याल ने बताया कि जांच में पता चला कि अंबिका के पेट में डीजे स्टेंट पड़ा है।
इसे देखते हुए छोटी सजरी के जरिए डीजे स्टेंट को निकाल दिया गया। उन्होंने बताया कि डीजे स्टेंट ऑपरेशन के दो से तीन सप्ताह के भीतर निकाल दिया जाना चाहिए।