आपके घर और दुकान में कैपिटल मेक कंपनी का बिजली मीटर लगा है तो सावधान हो जाइए। संभव है कि आप जितनी बिजली जला रहे हैं, उससे ज्यादा का बिल भर रहे हों। कैपिटल मेक कंपनी के मीटर एक दिन में चलते-चलते एक-एक लाख यूनिट तक रीडिंग जम्प कर जा रहे हैं।
इस खुलासे पर विद्युत नियामक आयोग ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम पर शिकंजा कसा तो कैपिटल मेक कंपनी को तलब किया गया है। पर प्रकरण को अंदर खाने ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश चल रही है।
लेसा के टेस्ट डिवीजन (आठ) के एक्सईएन एके प्रभाकर ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता (सामग्री प्रबंध) 28 अप्रैल को पत्र लिखकर कैपिटल मेक कंपनी के घटिया मीटरों की पोल खोली।
उन्होंने पत्र मीटर नंबरों का हवाला देते हुए बताया कि 23 उपभोक्ताओं की शिकायत पर कैपिटल मेक मीटरों की जांच की गई तो रीडिंग जम्प होने की पुष्टि हुई।ये शिकायतें ऐशबाग, राजाजीपुरम, सआदतगंज क्षेत्रों से आई थीं।
एक्सईएन एके प्रभाकर के पत्र के बावजूद मध्यांचल निगम में मामला दबा दिया गया। इसके बाद एक्सईएन प्रभाकर ने दोबारा 3 मई को दूसरा पत्र भेजा और अप्रैल में 10 मीटरों के जम्प होने की सूची अधीक्षण अभियंता (सामग्री प्रबंध) को भेजी। इसपर भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
वितरण इकाई के इंजीनियरों ने बताया कि गोमतीनगर, चिनहट, विकासनगर, अलीगंज, महानगर, रहीमनगर, जानकीपुरम, अमीनाबाद, हुसैनगंज, चारबाग, चौक, ठाकुरगंज में काफी संख्या में मीटरों को जम्प करने पर गुपचुप तरीके से बदला जा रहा है।