रेल पटरी की मरम्मत के लिए प्रतापगढ़ डीएमयू सहित दस पैसेंजर व मेमू ट्रेनों के निरस्तीकरण की अवधि एक बार फिर बढ़ा दी गई है।
अब यह ट्रेनें 28 अप्रैल तक कैंसल रहेंगी। इन ट्रेनों के निरस्त होने के कारण सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ की ओर से आने वाले सैकड़ों दैनिक यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जबकि हजारों आम यात्रियों को बस में करीब तीन गुना अधिक किराया देकर सफर करना पड़ रहा है।
उत्तर रेलवे लखनऊ रेल मंडल प्रशासन ने गर्मी बढ़ते ही पटरियों के फैलाव को रोकने के लिए प्रतापगढ़-कानपुर और सुल्तानपुर लखनऊ के बीच डिस्ट्रेसिंग शुरू की है।
डिस्ट्रेसिंग (पटरी के जोड़ को काटकर उसमें दूरी देना) के समय ट्रेनों का अधिक दबाव होने की वजह से यह काम अब तक पूरा नहीं हो सका है।
मई 2012 में जौनपुर के पास दून एक्सप्रेस के दुर्घटना के पीछे भी पटरियों के फैलाव का मामला ही सामने आया था। इसे देखते हुए लखनऊ मंडल रेलवे प्रशासन ने समय से पहले ही डिस्ट्रेसिंग शुरू कर दी है।
इसके लिए रेलवे ने दस पैसेंजर, डीएमयू व मेमू सेवाओं को पहले 7 से 9 अप्रैल तक, फिर 10 से 19 अप्रैल तक रद्द किया था। काम पूरा न होने के कारण अब इन ट्रेनों का निरस्तीकरण 28 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है।