लखनऊ। सैन्यकर्मी की पत्नी उन्नाव के कोरारी निवासी गायत्री देवी से मकान बेचने के नाम पर 80 लाख रुपये हड़पने के मामले में पुलिस ने गोरखपुर में तैनात केनरा बैंक के मंडल प्रबंधक सत्येश प्रशांत को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पीजीआई थाने में नौ जनवरी 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में मामले की विवेचना मोहनलालगंज पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई थी।
विवेचना में लापरवाही बरतने पर डीसीपी दक्षिणी ने बुधवार को दो चौकी प्रभारियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद महकमे में खलबली मच गई थी। डीसीपी ने भागे चल रहे आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक गायत्री देवी ने सुनील कुमार, रवि सिंह, सर्वेश कुमार, गौरव, विपिन कुमार, रीतू सिंह, कंचनलता समेत अन्य लोगों पर संगठित गिरोह बनाकर वृंदावन योजना स्थित मकान को बेचने के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पूर्व में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। डीसीपी की कार्रवाई के बाद पुलिस हरकत में आई और आननफानन सर्विलांस की मदद से आरोपी सत्येश प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इंदिरानगर का रहने वाला है और वर्तमान में मंडल प्रबंधक केनरा बैंक आरएएच गोरखपुर में तैनात है। पुलिस का कहना है कि बृहस्पतिवार को आरोपी को गोरखपुर के नौका विहार तिराहे से पकड़ा गया।
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने बैंक अधिकारी होने का लाभ उठाते हुए महिला को भरोसा दिलाया था कि मकान के मूल दस्तावेज बैंक प्रक्रिया में सुरक्षित हैं और ऋण भुगतान के बाद बैनामा कराने में कोई समस्या नहीं होगी। भरोसे में आकर गायत्री लगातार धनराशि जमा करती रहीं। पुलिस इस मामले में भागे चल रहे आरोपी विपिन शुक्ला और सुशील कुमार की तलाश में दबिश दे रही है।