सूखी शारदा सहायक हैदरगढ़ नहर शाखा प्रणाली, सूखती मेंथा फसल व सूखी पड़ी हरदोईया अल्पिका।
नगराम। भीषण गर्मी के बीच शारदा सहायक खंड 28 हैदरगढ़ ब्रांच से निकलने वाली नहरें इन दिनों सूखी पड़ी हैं। ये हालात ऐसे समय में हैं जब जायद की फसल, हरे चारे और मेंथा को सिंचाई के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। नहरों में पानी न होने से किसान परेशान हैं। क्षेत्र में नहरों का जाल बिछा होने के बावजूद किसानों को निजी पंपसेटों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत लगातार बढ़ रही है।
अमेठियन पुरवा के किसान मुन्नू सिंह ने बताया कि उनके खेत में मेंथा की फसल खड़ी है वहीं जानवरों के लिए हरा चारा भी बोया गया है। सिंचाई के लिए वे नहरों के पानी पर निर्भर थे, लेकिन नहर सूखी होने से उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मजबूरी में उन्हें महंगे किराये पर पंपसेट लेकर सिंचाई करनी पड़ रही है।
मुकुंद खेड़ा के मलखानसिंह का कहना है कि उनकी मेंथा की फसल भी पानी के अभाव में प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि मार्च से ही नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, फिर भी अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई न होने से फसल की पैदावार पर असर पड़ना तय है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस संबंध में शारदा सहायक खंड 28 हैदरगढ़ के अधिशासी अभियंता नवनीत सिंह ने बताया कि नहर का पानी लखीमपुर हेड से बंद है। फिलहाल विभाग की प्राथमिकता तालाबों को भरने की है। संभावना है कि मई में नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
सूखी शारदा सहायक हैदरगढ़ नहर शाखा प्रणाली, सूखती मेंथा फसल व सूखी पड़ी हरदोईया अल्पिका।
सूखी शारदा सहायक हैदरगढ़ नहर शाखा प्रणाली, सूखती मेंथा फसल व सूखी पड़ी हरदोईया अल्पिका।