लखनऊ विश्वविद्यालय उच्चतर शिक्षा अभियान से मिली आर्थिक सहायता से 40 स्मार्ट क्लासरूम तैयार करने जा रहा है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर चुका है। यह अच्छी कोशिश है।
पर, दूसरी तरफ 1.67 करोड़ रुपये की लागत से तैयार वर्चुअल क्लासरूम में पिछले पांच साल से ताला लगा हुआ है। इस वर्चुअल क्लासरूम से विद्यार्थियों को देश-विदेश के विद्वानों की कक्षाओं का लाभ मिल सकता है। यही नहीं रिकॉर्डेड लेक्चर को बार-बार सुना व देखा जा सकता है।
राज्य सरकार ने वर्चुअल क्लासरूम की स्थापना के लिए लविवि को 1.67 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। वर्ष 2012 में इसका उद्घाटन हुआ था। दावा था कि उद्घाटन के एक महीने के भीतर ही विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने लगेगा।
एक महीने के बाद पांच साल बीत गए लेकिन अभी तक इसकी शुुरुआत ही नहीं हुई है। विवि के एकेडमिक स्टाफ कॉलेज में यह क्लासरूम स्थापित है। स्टूडेंट्स को विशेषज्ञों के लेक्चर का लाभ देने के लिए इस क्लास रूम की स्थापना की गई थी।