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यूपी बोर्ड परीक्षाएं 7 फरवरी से, 16 दिनों में हो जाएंगी 10वीं और 12वीं की सभी परीक्षाएं

Tue, 11 Sep 2018 08:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा - फोटो : amar ujala
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उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सोमवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की घोषणा कर दी है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि सत्र 2018-19 की बोर्ड परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होंगी।

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इन परीक्षाओं को 16 दिनों के अंदर संपन्न करा लिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बोर्ड परीक्षा 2019 की तारीख का ऐलान करते हुए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के साथ जिला विद्यालय निरीक्षकों को परीक्षा की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होगी। पहले जहां परीक्षाएं ढाई महीने (55 कार्य दिवस) में संपन्न होती थी, वहीं आगामी बोर्ड परीक्षा मात्र 16 कार्य दिवस में संपन्न कराई जाएगी।
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परीक्षा का टाइम टेबल इसी महीने घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा के आयोजन में प्रयाग कुंभ के प्रमुख शाही स्नान और उत्सव के दिनों का ध्यान रखा जाएगा।

नकल पर कसा शिकंजा

- फोटो : अमर उजाला
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार ने नकल पर शिकंजा कसने में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कहा कि 2017 की बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में 50 लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे, 2018 में इनकी संख्या बढ़कर 67.22 लाख पहुंच गई।

लेकिन सरकार की ओर से 2018 की बोर्ड परीक्षा में नकल पर की गई सख्ती से इस वर्ष विद्यार्थियों की संख्या घटकर 57.87 लाख रह गई है। उन्होंने कहा कि नकल पर अंकुश के कारण निजी विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है।

2018 बोर्ड परीक्षा में जहां 1.81 लाख निजी विद्यार्थियों पंजीकरण कराया था, वहीं इस वर्ष 92,384 निजी विद्यार्थियों ने ही बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। उन्होंने बताया कि नकल के लिए कुख्यात अलीगढ़ की एक संस्थान में भी 56 हजार विद्यार्थी कम पंजीकृत हुए हैं।
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तीन दिन में प्रस्तुत करें कोर्ट केस पत्रावली

उप मुख्यमंत्री ने कोर्ट केस में पत्रावली तीन दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि कोर्ट केस के प्रकरण में देखा गया है कि आपसी साठगांठ से पत्रावली को दबाकर रखा जाता है। अवमानना का भय दिखाकर जल्दबाजी में पत्रावली निस्तारित कराने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि कोर्ट से आदेश जारी होते ही पत्रावली का निस्तारण अब तीन दिन में कराना होगा।
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