योगराज ठाकुर ने कहा कि 21 अगस्त, 2017 को सरकार ने क्लेरिफिकेशन दी थी। फैसला हुआ था कि आरएंडपी नियमों में संशोधन किया जाएगा। एक साल से ज्यादा समय बाद भी नियमों में संशोधन नहीं किया गया। अनिल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार 60 नंबर वालों को नौकरी देकर 140 अंकों वाले अभ्यर्थियों को भर्ती से बाहर करना चाहती है। पारुल ठाकुर ने कहा कि बीते वर्ष पोस्ट कोड-447 में करीब 800 ऐसे लोगों को नौकरी दी जा चुकी है, जिनके पास निजी संस्थानों के कंप्यूटर डिप्लोमा थे। ऐसे में उनके साथ अन्याय क्यों हो रहा है।
शेफाली ने कहा कि चयन आयोग पहले भी सरकार से ऐसे संस्थानों की सूची मांग चुका है, लेकिन सरकार के पास रिकॉर्ड ही नहीं है। गीता शर्मा ने कहा कि सरकार का कोई संस्थान डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन/कंप्यूटर साइंस/आईटी नहीं करवाता है। ऐसे में वे ऐसा डिप्लोमा कहां से करें।
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सतीश कुमार ने कहा कि जेओए पोस्ट कोड 556 के पदों के लिए हाईकोर्ट का फैसला मान्य है। आयोग हाईकोर्ट के आदेशानुसार ही भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर रहा है।