फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ यूनिवर्सिटी में शुरू होंगे सात नए कोर्स

Tue, 13 Jun 2017 03:09 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो - फोटो : demo pic
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय शैक्षिक सत्र 2018-19 से सात नए पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। ये पाठ्यक्रम चार अलग-अलग संकायों में संचालित किए जाएंगे। बोर्ड ऑफ स्टडीज से इन पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिल चुकी है।
विज्ञापन


पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले मंगलवार को इन्हें एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी के लिए रखा जाएगा। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों का सिलेबस रिवाइज करने, इंजीनियरिंग संकाय की मंजूरी समेत कई प्रस्ताव रखे जाएंगे।

शिक्षा संकाय
बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजूकेशन
लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षा संकाय के अंतर्गत बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजूकेशन पाठ्यक्रम की शुरुआत अगले शैक्षिक सत्र से करेगा। यह पाठ्यक्रम चार वर्ष का होगा। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को तैयार करना है। पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के बाद अधिकतम छह साल में परीक्षा पास करनी होगी।
विज्ञापन


पाठ्यक्रम में थ्योरी क्लास के साथ ही इंटर्नशिप भी करनी होगी। पाठ्यक्रम में दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया जाना प्रस्तावित है। पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए अभ्यर्थी को कम से 50 प्रतिशत अंक के साथ ही 12वीं उत्तीर्ण होना होगा। स्टूडेंट्स को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में  पास होना अनिवार्य होगा। पाठ्यक्रम के लिए अधिकतम 50 सीट प्रस्तावित हैं।

कला संकाय
मास्टर्स इन ईरानियन एंड सेंट्रल सेंट्रल एशियन स्टडी
लखनऊ विश्वविद्यालय का पर्शियन विभाग भारत में ईरान और सेंट्रल एशिया के अध्ययन का पहला केंद्र बनने जा रहा है। पर्शियन विभाग अपने यहां शैक्षिक सत्र 2018-19 से ईरानियन एंड सेंट्रल एशियन स्टडी इंस्टीट्यूट की शुरुआत करेगा।

इस इंस्टीट्यूट में एमए पाठ्यक्रम होगा। ये पाठ्यक्रम भले ही वोकेशनल जैसे होंगे पर इनकी फीस सामान्य बीए और एमए के पाठ्यक्रमों की तरह ही होगी। विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरिफ अयूबी ने बताया कि बोर्ड ऑफ स्टडीज और फैकल्टी बोर्ड से से पास होने के बाद इसका प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल के सामने रखा जा रहा है। दो साल के इस पाठ्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स को पर्शियन भाषा भी पढ़ाई जाएगी। फिलहाल इसके लिए 15 सीट प्रस्तावित की जा रही हैं।

देखें, कोर्स

डेमो - फोटो : demo pic
कला संकाय
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन साइबर लॉ
लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय में अगले सत्र से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन सायबर लॉ की शुरुआत की जा रही है। इस कार्यक्रम में 40 सीट प्रस्तावित हैं।

देश में इंटरनेट उपयोग और उसके बढ़ते हुए खतरों को ध्यान में रखकर यह कोर्स तैयार किया गया है। इस कोर्स में किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट्स को दाखिला दिया जाएगा। दाखिले के लिए उसे स्नातक स्तर पर न्यूनतम 45 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होगा।

पीजी डिप्लोमा इन इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी
विकास की अंधी दौड़ में बौद्धिक संपदा के हृास को देखते हुए विवि ने पीजी डिप्लोमा इन इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कोर्स शुरू करने का फैसला किया है। बोर्ड ऑफ स्टडीज और फैकल्टी बोर्ड से पास होने के बाद इसे मंगलवार को एकेडमिक काउंसिल के सामने रखा जाएगा। पाठ्यक्रम में अधिकतम 40 सीटें होंगी। दाखिले के लिए अभ्यर्थी को स्नातक स्तर पर न्यूनतम 45 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होगा।

आयुर्वेद एवं यूनानी संकाय
मास्टर ऑफ सर्जरी
लखनऊ विश्वविद्यालय के अधीन संचालित राजकीय तकमील उत्तिब कॉलेज में यूनानी पाठ्यक्रम के तहत तीन कोर्स संचालित करने का प्रस्ताव है। इनमें तशरीहुल बदन विभाग के अंतर्गत मास्टर इन सर्जरी, मास्टर इन हाइजी और डिप्लोमा इन इल्मुल सैदला पाठ्यक्रम शामिल हैं।

संकाय में पहले से चल रहे बीयूएमएस पाठ्यक्रम की 40 सीट को बढ़ाकर 60 करने का प्रस्ताव भी एकेडमिक काउंसिल में रखा जाएगा।
पाठ्यक्रम- 1- मास्टर इन सर्जरी 2-मास्टर इन हाइजी 3- डिप्लोमा इन इल्मुल सैदला
विज्ञापन

रिसर्च के लिए टीचर्स को मिलेंगे रुपये

डेमो - फोटो : demo pic
दर्जन भर पाठ्यक्रमों में होगा बदलाव
लखनऊ विश्वविद्यालय कई साल बाद अपने विभिन्न पाठ्यक्रमों में बदलाव करने जा रहा है। इनमें मैथ्स, मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेश, एआईएच, मनोविज्ञान, वेस्टर्न हिस्ट्री, अंग्रेजी विभाग शामिल हैं। इनके बदलावों को एकेडमिक काउंसिल की मुहर के लिए रखा जाएगा।

विषय के रूप में चलेंगे मराठी, तमिल और बांग्ला
लखनऊ विश्वविद्यालय में कला संकाय के अंतर्गत अगले शैक्षिक सत्र से बीए में मराठी, तमिल और बांग्ला को एक विषय के रूप में पढ़ाने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव को बोर्ड ऑफ स्टडीज और फैकल्टी बोर्ड से अनुमति मिल चुकी है।

कोर्स शुरू करने से पहले इसे एकेडमिक काउंसिल के सामने रखा जा रहा है। मंजूरी के बाद इसे कार्य परिषद के सामने औपचारिकता के रूप में रखा जाएगा। इसी तरह बीए में लाइब्रेरी साइंस विषय को भी स्टूडेंट्स के सामने एक ऑप्शनल विषय के रूप में देने का प्रस्ताव रखा जा रहा है। कला संकाय में एमए एमआईएच के सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम को कम आवेदन आने की वजह से अब आगे संचालित नहीं किया जाएगा।

रिसर्च के लिए टीचर्स को मिलेंगे 50 हजार रुपये
लखनऊ विश्वविद्यालय ने शोधा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रति कुलपति की अध्यक्षता में इसके लिए एक समिति भी बनाई गई है। विवि ने शोध के लिए 50 लाख रुपये का कोष भी बनाया है। यह प्रस्ताव भी एकेडमिक काउंसिल के सामने रखा जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें