लखनऊ विश्वविद्यालय शैक्षिक सत्र 2018-19 से सात नए पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। ये पाठ्यक्रम चार अलग-अलग संकायों में संचालित किए जाएंगे। बोर्ड ऑफ स्टडीज से इन पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिल चुकी है।
पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले मंगलवार को इन्हें एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी के लिए रखा जाएगा। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों का सिलेबस रिवाइज करने, इंजीनियरिंग संकाय की मंजूरी समेत कई प्रस्ताव रखे जाएंगे।
शिक्षा संकाय
बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजूकेशन
लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षा संकाय के अंतर्गत बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजूकेशन पाठ्यक्रम की शुरुआत अगले शैक्षिक सत्र से करेगा। यह पाठ्यक्रम चार वर्ष का होगा। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को तैयार करना है। पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के बाद अधिकतम छह साल में परीक्षा पास करनी होगी।
पाठ्यक्रम में थ्योरी क्लास के साथ ही इंटर्नशिप भी करनी होगी। पाठ्यक्रम में दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया जाना प्रस्तावित है। पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए अभ्यर्थी को कम से 50 प्रतिशत अंक के साथ ही 12वीं उत्तीर्ण होना होगा। स्टूडेंट्स को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में पास होना अनिवार्य होगा। पाठ्यक्रम के लिए अधिकतम 50 सीट प्रस्तावित हैं।
कला संकाय
मास्टर्स इन ईरानियन एंड सेंट्रल सेंट्रल एशियन स्टडी
लखनऊ विश्वविद्यालय का पर्शियन विभाग भारत में ईरान और सेंट्रल एशिया के अध्ययन का पहला केंद्र बनने जा रहा है। पर्शियन विभाग अपने यहां शैक्षिक सत्र 2018-19 से ईरानियन एंड सेंट्रल एशियन स्टडी इंस्टीट्यूट की शुरुआत करेगा।
इस इंस्टीट्यूट में एमए पाठ्यक्रम होगा। ये पाठ्यक्रम भले ही वोकेशनल जैसे होंगे पर इनकी फीस सामान्य बीए और एमए के पाठ्यक्रमों की तरह ही होगी। विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरिफ अयूबी ने बताया कि बोर्ड ऑफ स्टडीज और फैकल्टी बोर्ड से से पास होने के बाद इसका प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल के सामने रखा जा रहा है। दो साल के इस पाठ्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स को पर्शियन भाषा भी पढ़ाई जाएगी। फिलहाल इसके लिए 15 सीट प्रस्तावित की जा रही हैं।