एलयू से पीएचडी करने वाले अभ्यर्थी 26 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विवि ने आवेदन की अंतिम तारीख 20 अक्तूबर निर्धारित की है। आवेदन विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.lkouniv.ac.in पर जाकर भरे जा सकेंगे।
सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए फार्म की कीमत 1200 रुपये और एससी-एसटी अभ्यर्थियों के लिए 600 रुपये निर्धारित की गई है। पीएचडी पाठ्यक्रम में दाखिले प्रवेश परीक्षा के बाद साक्षात्कार और एकेडमिक इंडेक्स के आधार पर दिए जाएंगे।
विवि ने पीएचडी दाखिले के लिए विस्तृत गाइडलाइन वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी है। एलयू ने यूजीसी की नई गाइडलाइन के अनुसार अपना पीएचडी आर्डिनेंस तैयार कर लिया है। बदली गाइडलाइन के बाद प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थी को न्यूनतम 50 फीसदी नंबर लाना अनिवार्य होगा।
इसके बाद ही साक्षात्कार का मौका दिया जाएगा। अभ्यर्थी ई-चालान, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग के माध्यम से विवि की वेबसाइट पर ही आवेदन फीस जमा कर सकेंगे।
अभ्यर्थी को पूरी तरह से आवेदन भरने और फीस जमा करने के बाद उसका प्रिंट आउट निकालना होगा। इसके बाद ही आवेदन पूरा माना जाएगा। लविवि और डिग्री कॉलेजों में पीएचडी की किस सब्जेक्ट मे कितनी सीटें हैं, इसका ब्यौरा सोमवार को जारी होगा।
आवेदन फार्म 20 फीसदी महंगा
डेमो
डिग्री कॉलेजों से खाली सीटों का ब्यौरा मंगाया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि सांख्यिकी, समाजशास्त्र और हिंदी में डिग्री कॉलेजों में उपलब्ध सीटों की संख्या नहीं दी जाएगी। इनमें खाली सीटों की संख्या बाद में जोड़ी जाएगी।
आवेदन में इसकी सूचना भी दी जाएगी। एलयू ने इस साल पीएचडी का आवेदन फार्म 20 फीसदी महंगा कर दिया है। पिछले साल तक आवेदन फार्म का मूल्य 1000 रुपये था।
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को छूट के बाद 500 रुपये का भुगतान करना था। इस साल सामान्य और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 1200 रुपये तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को 600 रुपये फीस देनी होगी।
प्रवेश परीक्षा से इनको मिलेगी छूट
-लविवि और सरकारी अनुदानित डिग्री कॉलेज में दो साल की सेवा कर चुके असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर
-विदेशी स्टूडेंट्स जिनकी पढ़ाई किसी विदेशी एंबेसी से प्रायोजित हो
- यूजीसी नेट-जेआरएफ, सीएसआईआर नेट-जेआरएफ, गेट-एमएचआरडी स्कॉलरशिप, टीचर फेलोशिप, डीबीटी, आईसीएआर, डीएसटी-इंस्पायर, स्लेट आदि स्कॉरशिप पाने वाले अभ्यर्थी स्कॉलरशिप मिलने के बाद दो साल तक
- लविवि से एमफिल करने वाले ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने एमफिल के लिए राष्ट्रीय स्तर का टेस्ट दिया हो
- सरकारी, पब्लिक सेक्टर विभाग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, अन्य विवि, प्राइवेट इंडस्ट्री के पांच वर्ष सेवा पूरी कर चुके ऐसे कर्मचारी जिनका शोध उनका संस्थान स्पांसर कर रहा हो। ऐसे अभ्यर्थी को न्यूनतम तीन साल साल का अवकाश पीएचडी के लिए लेना होगा।