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एलयू में जल्द कराए जा सकते हैं छात्रसंघ चुनाव

Fri, 14 Oct 2016 03:04 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ विश्वविद्यालय में वर्षों से छात्रसंघ चुनाव का इंतजार कर रहे छात्रनेताओं की इच्छा जल्द ही पूरी होती नजर आ रही है। पीएचडी और एमफिल के दाखिलों बाद विवि में छात्रसंघ चुनाव कराए जा सकते हैं।
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इसके लिए कुलपति प्रो. एसबी निमसे के निर्देश पर उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी एक बार फिर से  चुनाव के लिए विवि का वर्गीकरण कर मॉडल तय करेगी। 

इतना ही नहीं, चुनाव की उम्मीद में ऑब्जर्वर के नाम भी तय कर दिए गए हैं। कमेटी की पहली बैठक 17 अक्तूबर को होगी।
पूर्व चीफ जस्टिस करेंगे कमेटी की अध्यक्षता छात्रनेताओं की मांग और शासन के निर्देशानुसार विवि ने छात्रसंघ चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। 

इसके लिए कुलपति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व कार्यवाहक चीफ जस्टिस विष्णु सहाय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें प्रदेश के पूर्व डीजीपी अतुल और कुलपति रह चुके प्रो. भूमित्र देव भी होंगे।
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प्रो. निमसे ने बताया कि 17 अक्तूबर को कमेटी के सदस्यों साथ पहली बैठक होनी है। कमेटी दो फेज में काम करेगी। पहला विवि का वर्गीकरण और दूसरा चुनाव को लिंगदोह कमेटी की संस्तुतियों के अनुसार कराना सुनिश्चित करेगी। प्रो. निमसे ने कहा कि चुनाव होने की स्थिति में कमेटी के यही तीन सदस्य ऑब्जर्वर की भूमिका भी निभाएंगे।

पहले विवि ने लिंगदोह कमेटी की संस्तुतियों के अनुसार खुद को अप्रत्यक्ष चुनाव के लिए उपयुक्त पाया। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई। जब छात्रनेताओं को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने प्रत्यक्ष चुनाव कराने की मांग लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इसके बाद विवि ने उनके दबाव में शासन को दूसरा पत्र लिखा और प्रत्यक्ष चुनाव कराने की बात कही। विवि का कहना था कि एलयू में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में स्टे लगा हुआ है। 
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सभी दा‌ख‌िले पूरे होने के बाद की तैयारी

डेमो - फोटो : demo pic
शासन को विवि का वर्गीकरण कोर्ट में दाखिल कर वह स्टे हटवाना है। वर्षों से यह मामला इसी तरह लटका रहा। छात्रनेताओं का दबाव बढ़ा तो शासन ने विवि को पत्र भेजकर फटकार लगाई कि वर्गीकरण उसको खुद दाखिला करना है।

कोर्ट में चल रहे केस में शासन पक्षकार नहीं है। शासन ने विवि पर सभी को भ्रमित करने का आरोप भी लगाया और जल्द चुनाव कराने के निर्देश दिए। इसके बाद विवि ने अब अपने स्तर से स्टे हटवाने की प्रक्रिया शुरू की है।

प्रो. निमसे ने कहा कि अब जबकि विवि को ही वर्गीकरण दाखिला करना है तो कमेटी के माध्यम से लिंगदोह समिति की सिफारिशों का पालन करते हुए इसका निर्धारण होगा। लिंगदोह समिति की संस्तुतियों को देखते हुए कमेटी चुनाव का जो मॉडल उपयुक्त पाएगी वही मॉडल विवि की ओर से कोर्ट में दाखिल कर स्टे हटवाया जाएगा।

विवि में पीएचडी आवेदन की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में विवि पीएचडी की प्रवेश परीक्षाएं करा सकता है। इसके बाद रिजल्ट घोषित करके प्रवेश परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा। 

इसी समय तक विवि एमफिल दाखिले भी समाप्त कर लेगा। संभावना है कि दाखिले की प्रक्रिया नवंबर अंत या दिसंबर शुरुआत में पूरी हो जाएगी। तब तक विवि कोर्ट से स्टे हटवाएगा और समिति की सिफारिशों के अनुसार चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में इसी साल दिसंबर में चुनाव होने की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं।

‘कमेटी का निर्धारण करते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार हो। विवि का वर्गीकरण करने से लेकर चुनाव कराने तक लिंगदोह समिति की सभी संस्तुतियों का पूरी तरह पालन हो’। - प्रो. एसबी निमसे, कुलपति 
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