बीबीएयू नए सत्र से हिंदी में एमफिल और एमएड भी शुरू करेगा। वहीं एमफिल के विद्यार्थियों को 5000 रुपये की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इधर, बीबीए-एलएलबी कोर्स को लॉ विभाग में ही चलाने का फैसला हुआ है। सोमवार को एकेडमिक काउंसिल की मैराथन बैठक में उक्त के साथ कई अन्य मुद्दों को भी हरी झंडी मिली।
कार्यकारी कुलपति प्रो. एनएमपी वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बीबीए-एलएलबी कोर्स को लेकर गणित कमेटी की रिपोर्ट रखी गई। इसे स्वीकार करते हुए तय हुआ कि कोर्स लॉ से जुड़ा है, इसलिए उसी विभाग में चलेगा।
इसकी संस्तुति का पत्र बीसीआई को दोबारा भेज दिया जाएगा। वहीं हृयूमन राइट्स विभाग में बीए-एलएलबी कोर्स चलाने पर सहमति नहीं बनी। इस क्रम में हिंदी में एमफिल व एमएड शुरू करने पर सहमति बनी। यूजीसी के पीएचडी अध्यादेश को स्वीकार किया गया।
जिसमें एससी-एसटी विद्यार्थियों को निर्धारित अर्हता में पांच फीसदी छूट दी जाएगी। रजिस्ट्रार प्रो. आरबी राम ने बताया कि इग्नू का स्टडी सेंटर खोलने का भी प्रस्ताव आया किंतु किसी अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालय में ऐसी व्यवस्था न होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया।