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बीबीएयू हिंदी में शुरू करेगा एमफिल और एमएड पाठ्यक्रम, इन स्टूडेंट्स को मिलेगी स्कॉलरशिप

Tue, 27 Nov 2018 11:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो
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बीबीएयू नए सत्र से हिंदी में एमफिल और एमएड भी शुरू करेगा। वहीं एमफिल के विद्यार्थियों को 5000 रुपये की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इधर, बीबीए-एलएलबी कोर्स को लॉ विभाग में ही चलाने का फैसला हुआ है। सोमवार को एकेडमिक काउंसिल की मैराथन बैठक में उक्त के साथ कई अन्य मुद्दों को भी हरी झंडी मिली।
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कार्यकारी कुलपति प्रो. एनएमपी वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बीबीए-एलएलबी कोर्स को लेकर गणित कमेटी की रिपोर्ट रखी गई। इसे स्वीकार करते हुए तय हुआ कि कोर्स लॉ से जुड़ा है, इसलिए उसी विभाग में चलेगा।

इसकी संस्तुति का पत्र बीसीआई को दोबारा भेज दिया जाएगा। वहीं हृयूमन राइट्स विभाग में बीए-एलएलबी कोर्स चलाने पर सहमति नहीं बनी। इस क्रम में हिंदी में एमफिल व एमएड शुरू करने पर सहमति बनी। यूजीसी के पीएचडी अध्यादेश को स्वीकार किया गया।
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जिसमें एससी-एसटी विद्यार्थियों को निर्धारित अर्हता में पांच फीसदी छूट दी जाएगी। रजिस्ट्रार प्रो. आरबी राम ने बताया कि इग्नू का स्टडी सेंटर खोलने का भी प्रस्ताव आया किंतु किसी अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालय में ऐसी व्यवस्था न होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया।
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छात्रवृत्ति देने के लिए की जाएगी फंड की मांग

- फोटो : डेमो
एमफिल को छात्रवृत्ति देने के लिए यूजीसी से फंड की मांग की जाएगी। विश्वविद्यालय में एक कंसल्टेंसी सेल खोलने का निर्णय हुआ। विवि के जो शिक्षक बाहर कंसल्टेंसी के लिए जाएंगे, उन्हें 60 फीसदी व विवि को 40 फीसदी राशि दी जाएगी।

यह सेल विवि के अन्य प्रोजेक्ट की प्रगति आदि की समीक्षा का भी काम करेगी। उन्होंने बताया कि यूआईईटी में एक जनवरी से सेवानिवृत्त शिक्षकों को रखने पर सहमति बनी। शिक्षक-कर्मचारियों के वार्ड को सुपर न्यूमरेरी कोटा देने पर चर्चा हुई लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका।

इमेटस टीचर रखने का प्रस्ताव भी खारिज हो गया। नए सत्र में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए समन्वयक बनाने का अधिकार कुलपति को दिया गया। वहीं नए सत्र से न्यूक्लीयर मेडिसिन कोर्स की फीस बढ़ाने और सीट घटाने पर सहमति बनी।
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