मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में किसान कल्याण मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण तथा कृषकों की आमदनी दोगुना करने का यह अभियान 6 जनवरी से प्रारंभ होगा। इसमें प्रत्येक विकास खंड पर कृषि व किसान कल्याण पर केंद्रित कार्यक्रम किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि किसान कल्याण मिशन के तहत प्रत्येक ब्लाक में गोष्ठी, प्रदर्शनी व मेले आयोजित किए जाएंगे। ये आयोजन 6 जनवरी से होकरअगले 3 सप्ताह तक चलेंगे। प्रत्येक सप्ताह बुधवार को सभी जिलों के ग्र्रामीण क्षेत्र वालेे विधानसभा क्षेत्रों में एक ब्लाकमें इसका आयोजन किया जाए। यह क्रम तब तक चलेगा जब तक सारे विकास खंड आच्छादित नहीं हो जाते। उन्होंने निर्देश दिए कि माइक्रोप्लानिंग करते हुए अंतर्विभागीय समन्वय से किसान कल्याण मिशन का कार्यान्वयन किया जाए।
सीएम योगी ने कहा, किसान कल्याण मिशन के तीन मुख्य भाग होंगे। इसके तहत कृषि व सहवर्ती सेक्टर की वृहद प्रदर्शनी लगाई जाए। इस दौरान विभिन्न कृषि तकनीकों के प्रदर्शन की व्यवस्था की जाए। किसान गोष्ठियां की जाएं। विभिन्न कृषि कल्याण योजनाओं के पात्र व्यक्तियों को मौके पर लाभान्वित किया जाए। उन्होंने भारत सरकार द्वारा पारित कृषि अधिनियमों की जानकारी एवं उसके लाभों के बारे में किसानों को जागरूक किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीद कार्य को पूरी सक्रियता से किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई असुविधा न हो। उन्होंने धान क्रय केंद्रों पर जरूरत के अनुरूप अतिरिक्त काटों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, नगरीय इलाकों में स्मार्ट सिटी तथा अमृत योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने गो-आश्रय स्थलों पर सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।