विधानभवन के सामने बृहस्पतिवार सुबह आत्मदाह करने पहुंचे कासगंज के जसवंत सिंह को हजरतगंज थाने में तैनात दरोगा हरिनाथ पाल व सज्जाद खान ने मुस्तैदी दिखाते हुए पकड़ लिया। पूछताछ के बाद कासगंज के पुलिस-प्रशासन से बातचीत कर उसे वापस भेज दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि कासगंज के अहमद देव नागर निवासी जसवंत की महेंद्र पाल व राम बहादुर से जमीन का विवाद है। आरोप है कि इन दोनों ने जसवंत की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत उसने स्थानीय प्रशासन व पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि एसएचओ के सरपरस्ती में उसकी जमीन पर कब्जा हुआ है। एसएचओ और तहसील कर्मचारी उससे रिश्वत मांग रहे हैं। कोई कार्रवाई न होने पर उसने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था। पत्र में उसने आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी। इस सूचना के बाद पुलिस को सतर्क कर दिया गया था। इसी के चलते उसे समय रहते दबोच लिया गया।
दो दिन से रुका था चारबाग स्टेशन के पास
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जसवंत सुबह चारबाग स्टेशन की तरफ से पैदल अपने बैग में पेट्रोल की बोतल रखकर विधान भवन के गेट नंबर दो के पास पहुंचा। उसने जैसे ही बैग से पेट्रोल की बोेतल निकाली पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह दो दिन पहले ही कासगंज से निकला था और दो दिन से चारबाग बस स्टेशन के पास एक होटल में ठहरा था।