लखनऊ। सीएमओ के अधीन संचालित शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा न होने का खामियाजा जनता को उठाना पड़ रहा है। इसकी वजह से मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों पर जाकर महंगी जांच करानी पड़ रही है।
राजधानी में इस समय 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां मुफ्त दवा व जांच की सुविधा है। पूर्व में 17 केंद्र पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिल रही थी, मगर मशीन खराब होने से अब सिर्फ 10 पर ही यह सुविधा मिल रही है। अलीगंज, एनके रोड, रेडक्रॉस, चिनहट, इंदिरा नगर, बेहटा और मलिहाबाद में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब है। चिनहट सीएचसी में नई मशीन आ गई, लेकिन जांच शुरू नहीं हो सकी। इससे मरीज भटक रहे हैं। सीएमओ ने चिनहट में जल्द जांच शुरू होने की बात कही है। अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के लिए शासन को पत्र लिखने की बात भी कही गई है।
केस 1-
रहीमाबाद के तकिया निवासी खुरशेद को पेट में तकलीफ थी। स्थानीय डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी। ऐसे में वह 15 किमी का सफर तय कर अल्ट्रासाउंड कराने मलिहाबाद सीएचसी पहुंचे। यहां बताया गया कि मशीन खराब है। ऐसे में उनको निजी केंद्र जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा।
केस 2-
मलिहाबाद निवासी अजय की पत्नी को पेट में समस्या थी। मलिहाबाद सीएचसी में उन्होंने डॉक्टर से परामर्श लिया। दवाओं के साथ ही अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी गई। यहां अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला पड़ा है। ऐसे में उन्हें भी निजी केंद्र जाना पड़ा।