विदेश राज्यमंत्री जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह ने कहा कि 1857 के आंदोलन में बेगम हजरत महल ने जैसी भूमिका अदा की थी, बंटे हुए समाज के खिलाफ वैसी ही लड़ाई एक बार फिर लखनऊ से ही छेड़नी होगी।
उन्होंने अंग्रेज इतिहासकारों के हवाले से कहा कि 1850 तक लखनऊ दुनिया के श्रेष्ठ शहरों में शुमार था, लेकिन जब अंग्रेजों ने इसे अपने आधिपत्य में लिया, उन्हें अहसास हो गया था कि भारतीयों की एकता उनके लिए सबसे बड़ा खतरा है।
इसे तोड़ने के लिए उन्होंने धार्मिक दरार पैदा की, जिससे समाज बंट गया और अंग्रेजों के खिलाफ लंबे समय तक आवाज नहीं उठा सका।
वीके सिंह शनिवार को यहां सिटी मॉण्टेसरी स्कूल में आयोजित 16वें न्यायाधीश सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। कार्यक्रम में 60 से अधिक देशों के मौजूदा व पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, चीफ जस्टिस, जस्टिस, कानूनविद आदि उपस्थित थे।