कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को जिले के डलमऊ कोतवाली क्षेत्र से जुड़े एक 33 साल पुराने आपराधिक मामले में कोर्ट से राहत मिल गई है। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार बरनवाल ने अभियोजन पक्ष के मुकदमा वापसी प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को अपराध से डिस्चार्ज करने का आदेश दिया है। विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह ने कोर्ट में दाखिल मुकदमा वापसी के प्रार्थना पत्र पर अभियोजन का पक्ष रखा था।
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में करीब 33 साल पहले 30 जून 1987 को फायर सर्विस के तत्कालीन हेड कांस्टेबल रामस्वरूप उपाध्याय ने स्वामी प्रसाद मौर्य व कई अन्य लोगों के खिलाफ बलवा, हत्या करने की कोशिश आदि का आरोप लगाते हुए मुकदमा पंजीकृत कराया था। रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना तब हुई थी जब मुकदमा वादी फायर ब्रिगेड की गाड़ी से ड्राइवर राम शंकर श्रीवास्तव के साथ पेट्रोल पंप जा रहा था। इसी दौरान मुराई बाग चौराहे पर लोकदल (ब) के कार्यकर्ता सड़क जाम कर आंदोलन कर रहे थे। उस समय स्वामी प्रसाद मौर्य लोकदल (ब) के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य थे।