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भाजपा नेता का हमला, 'दलितों की हत्या पर माया चुप क्यों'

Sat, 05 Mar 2016 04:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ

सार

केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया ने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती पर यहां हमला बोला।

मायावती को अपना वोट बैंक खिसकता दिख रहा है।
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कठेरिया ने मायावती पर हमला बोला - फोटो : amar ujala
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'दलितों की हत्या पर मौन रहने पर उठाया सवाल'
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया ने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती पर यहां हमला बोला। कहा, मायावती कह रही हैं कि वह मुख्यमंत्री होतीं तो मुझे जेल भिजवा देतीं। यह भविष्य बताएगा कि कौन जेल जाएगा।

कठेरिया ने आगरा में दो दलितों की हत्या पर मायावती के मौन रहने पर सवाल उठाया। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि आगरा की घटना पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से पूछा है। कठेरिया शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे।
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उन्होंने कहा, मायावती को राज्यसभा में बोलते वक्त हमें जेल भिजवाने की तो याद रही, लेकिन अरुण माहौर और सत्येंद्र जाटव की हत्या याद नहीं आई। सिर्फ इन दो ही नहीं, अन्य स्थानों पर भी दलितों की हत्या पर मायावती के मौन ने दलित समाज के बीच उनकी पोल खोल दी है।

दलित समाज समझ गया है कि बसपा अध्यक्ष सिर्फ वोटों की सौदागर हैं। मायावती को हमसे इसलिए तकलीफ हो रही है क्योंकि दलितों की हत्या के मामले में आवाज उठाने से उन्हें अपना वोट बैंक खिसकता दिख रहा है।
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इकलाख के परिवारीजनों को 50 लाख और दलितों को कुछ नहीं

कठेरिया ने अखिलेश सरकार को भी नहीं बख्‍शा - फोटो : amar ujala
कठेरिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था चौपट है। लूट, डकैती, बलात्कार और हत्या की घटनाएं आम हो गई हैं। आगरा सहित कई स्थानों पर दलितों की हत्याएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश की जनता सपा और बसपा से ऊब चुकी है। वह बदलाव चाहती है।

किसी को 50 लाख तो किसी को कुछ नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा ने इकलाख की हत्या को भी गलत माना और इसकी निंदा की, पर इकलाख के परिवारीजनों को 50 लाख रुपये दिए जाएं और आगरा में मारे गए सत्येंद्र जाटव के परिवार को कुछ नहीं तो सवाल उठना स्वाभाविक है। अरुण माहौर के परिवार को भी नाममात्र की सहायता दी गई। यह भेदभाव प्रदेश सरकार की नीति पर सवाल उठाता है।

मैंने नहीं, कुछ लोगों ने गलत बोला
अरुण और सत्येंद्र की हत्या के बाद आयोजित सभा में भड़काऊ भाषण देने के सवाल पर कठेरिया ने कहा कि उन्होंने आगरा में कुछ गलत नहीं बोला। अलबत्ता मंच पर मौजूद लोगों ने जरूर कुछ गलत बोला था, जिन्हें हमने तुरंत रोका। यदि सरकार पक्षपातपूर्ण नीति अपनाएगी तो लोगों में गुस्सा बढ़ना स्वाभाविक है।
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