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सवाल जवाब: केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय बोले- भाजपा से ब्राह्मणों की नाराजगी विपक्ष का सुनियोजित दुष्प्रचार

Tue, 28 Dec 2021 01:58 AM IST
ishwar ashish सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ

सार

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री और भाजपा के कद्दावर ब्राह्मण नेता महेंद्रनाथ पांडेय का कहना है कि वास्तव में ब्राह्मण भाजपा से नाराज नहीं है। सामाजिक और सांस्कृतिक गौरव के संरक्षण का कार्य केंद्र व प्रदेश सरकार ने किया है। ब्राह्मण यह भी देख रहा है कि पहले यह सब संभव नहीं था। उन्होंने कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने पर भी बात की।
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केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्रनाथ पांडेय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में चुनावी पारा ज्यों-ज्यों चढ़ रहा है, प्रदेश की सियासत गरमाती जा रही है। समीकरणों को साधने के लिए तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। ब्राह्मण किधर... यह बड़ा सवाल है ? इस मुद्दे पर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री और भाजपा के कद्दावर ब्राह्मण नेता महेंद्रनाथ पांडेय का कहना है, केंद्र व प्रदेश सरकार के कार्यों में कमी निकालने में असफल रहे विपक्षी दल अपना राजनीतिक वजूद बचाने के लिए ब्राह्मणों की नाराजगी का सुनियोजित दुष्प्रचार कर रहे हैं। ब्राह्मण समाज कन्नौज में नीरज मिश्रा की हत्या को भूला नहीं है। पेश है महेंद्रनाथ पांडेय से विभिन्न मुद्दों पर सचिन मुद्गल की बातचीत के प्रमुख अंश...

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सवाल: क्या आपको लगता है कि प्रदेश में भाजपा फिर सरकार बनाएगी? जवाब: प्रदेश में लंबे अरसे बाद ऐसा मौका आया है जब केंद्र व राज्य की सरकार एक ही दल की है। डबल इंजन की सरकार का लाभ गरीबों, महिलाओं और जरूरतमंदों को मिला है। प्रदेश के विकास के साथ व्यापक दायरे में विकास कार्य हुए हैं। लोक कल्याणकारी सरकार के मोर्चे पर योगी सरकार शत-प्रतिशत सफल रही है। इन सबसे रुझान भाजपा के पक्ष में है। केंद्र सरकार का फायदा यूपी को मिलता रहे, इसलिए जनता प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनाएगी।
सवाल: कार्यकर्ताओं की संगठन व सरकार से नाराजगी है, उसे कैसे दूर किया जाएगा? जवाब: भाजपा लोकतांत्रिक पार्टी है। नरेंद्र मोदी ने इसे और विस्तार दिया है। नाराजगी होना और जागरूक होना दो अलग-अलग बातें हैं। भाजपा कार्यकर्ता कहीं कोई विषय उठाता है तो वह उसकी नाराजगी नहीं, जागरूकता है। भाजपा कार्यकर्ता देश व समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझता है। कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से चुनाव में जुटेगा।
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सवाल: आप भाजपा के बड़े ब्राह्मण नेता हैं। ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि ब्राह्मण समाज भाजपा से नाराज है। नाराजगी को कैसे दूर किया जाएगा? जवाब: भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार बहुत अच्छा काम कर रही हैं। इसलिए विपक्ष के पास सरकार व संगठन के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है। विपक्षी दल अपनी जगह तलाशने के लिए ब्राह्मणों की नाराजगी का सुनियोजित प्रचार कर रहे हैं। वास्तव में ब्राह्मण भाजपा से नाराज नहीं है। सामाजिक और सांस्कृतिक गौरव के संरक्षण का कार्य केंद्र व प्रदेश सरकार ने किया है। ब्राह्मण यह भी देख रहा है कि पहले यह सब संभव नहीं था। ब्राह्मणों की स्मरण शक्ति और दृष्टि व्यापक है। ब्राह्मण समाज कन्नौज में किस तरह नीरज मिश्रा की हत्या हुई थी, उसको भूला नहीं है। उसे यह भी याद है कि अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है। एक ऐसा भी समय था जब रामनामी ओढ़े ब्राह्मणों को पीटा जाता था। ब्राह्मण समाज भाजपा के पक्ष में मतदान करेगा।
सवाल: चुनाव में भाजपा की लड़ाई किससे है? जवाब: अब प्रत्यक्ष लड़ाई किससे है, यह स्पष्ट नहीं है। सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों दल सामने हैं। अखिलेश यादव दो-तीन महीने से सक्रिय हुए हैं। प्रियंका 2019 में भी बहुत घूमी थीं। कांग्रेस का धरातल पर कोई नेटवर्क नहीं है। बसपा का वोट बैंक कभी चुनाव में मुखर नहीं रहता है। भाजपा के मुख्य विरोधी दल सपा और बसपा हैं।

सवाल: विधायकों से भी बड़ी नाराजगी है। क्या इससे पार्टी को नुकसान नहीं होगा? जवाब: पांच वर्ष में मतदाता को अपने विधायक के मूल्यांकन का अवसर मिलता है। लोकतंत्र की यह विशेषता है। सत्ताजनित परिस्थिति के चलते छोटी-मोटी दिक्कतें आती हैं। लेकिन, जब पार्टी उम्मीदवार तय कर देती है तो उनका समाधान पार्टी सेटअप करता है। पार्टी टिकट का निर्णय लेते समय कार्यकर्ताओं की सूचना का ध्यान रखती है।
सवाल: पार्टी के तीन करोड़ से अधिक सदस्य हैं तो फिर छोटे दलों से गठबंधन क्यों हो रहा है? जवाब: भाजपा ही ऐसी पार्टी है जिसके एक बूथ पर 40 से 45 लोगों की मजबूत टीम है। छोटे-छोटे दल भी अपनी अहमियत रखते हैं। लोकतंत्र में उनकी सहभागिता बढ़ाने के लिए उनसे गठबंधन करते हैं।

सवाल: मोदी-योगी सरकार ने जब इतने काम किए हैं तो भाजपा विकास की जगह जिन्ना, राम, राष्ट्रवाद को मुद्दा क्यों बना रही है? ध्रुवीकरण पर जोर क्यों है? जवाब: देश को तोड़ने वाले जिन्ना की तुलना यदि महात्मा गांधी और सरदार पटेल से होगी, चुनाव तो क्या कोई भी राष्ट्रभक्त इसे कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगा। भाजपा राष्ट्रवादी पार्टी है। भाजपा ने राष्ट्रवादी मानदंडों और सोच को स्थापित किया है। राष्ट्रवाद पर कहीं चोट होगी तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम इसे चुनाव से नहीं जोड़ते। चुनाव तो हम विकास के मुद्दे पर ही लड़ेंगे।

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