उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली में 16वां संशोधन कर सरकार ने डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए शुल्क निर्धारित कर दिया है।
अब स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस खो जाने पर 200 रुपये देकर दोबारा बनवाया जा सकता है। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
अब तक शुल्क निर्धारित न होने के कारण नए डीएल की तरह ही 250 रुपये शुल्क वसूला जा रहा है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चूंकि स्मार्ट कार्ड विदेश से मंगाया जाता है और लाइसेंस बनाने की लागत ही 200 रुपये आती है, इसलिए इसे और कम नहीं किया जा सकता है।
रेडियो टैक्सी का किराया हुआ तय
कैबिनेट ने रेडियो टैक्सी के किराये पर भी मुहर लगा दी है। इसके तहत पांच सीटर टैक्सी के लिए 20 रुपये प्रति किलोमीटर किराया तय किया गया है।
जबकि इससे अधिक सीटों वाली टैक्सी के लिए 25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया देना होगा। कैबिनेट ने हर वर्ष निर्धारित किराये में सामान्य वृद्धि के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है।
स्लीपर बसें चलाने की कानूनी बाधा दूर
कैबिनेट बैठक में स्लीपर बसों को चलाए जाने में आ रही कानूनी बाधा को भी दूर कर लिया गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली में संशोधन कर दिया गया है। नियमावली में बस की ऊंचाई, लंबाई, चौड़ाई आदि में संशोधन किया गया है।
इसके लिए नियमावली में नियम-136 क जोड़ा गया है। इस संशोधन के बाद अब स्लीपर बसों के रूप में आरटीओ में इसका पंजीकरण भी आसानी से हो जाएगा।
हालांकि बस का टैक्स व किराया क्या होगा इसके लिए विभागीय स्तर पर बाद में कसरत की जाएगी। परिवहन विभाग की ओर से निरुद्ध किए गए वाहनों के लिए स्थान निर्धारित करने की नियमावली में भी संशोधन किया गया है।