नरेंद्र मोदी सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जवाब में प्रदेश सरकार ने किसानों को नई बीमा योजना की सौगात दी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने सोमवार को ‘मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’ को मंजूरी दे दी।
यह योजना राजस्व विभाग की ‘कृषक दुर्घटना बीमा योजना’ के स्थान पर लाई गई है। इसका फायदा करीब तीन करोड़ परिवारों को मिलेगा। नई बीमा योजना एक अप्रैल 2016 से लागू की जाएगी।
‘अमर उजाला’ ने पिछले 29 दिसंबर के अंक में खुलासा किया था कि सरकार राजस्व विभाग की कृषक दुर्घटना बीमा योजना को खत्म कर ‘मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’ लाने जा रही है।
नई बीमा योजना संस्थागत वित्त बीमा एवं वाह्य सहायतित परियोजना महानिदेशालय ने तैयार किया है। इससे सरकार पर करीब 897 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बीमा योजना का प्रीमियम पहले की तरह सरकारी खजाने से दिया जाएगा।
प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टर ही कर सकेंगे अल्ट्रासाउंड
सूबे में अब प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टर ही अल्ट्रासाउंड कर सकेंगे। छह महीने का यह प्रशिक्षण एमबीबीएस डॉक्टरों को लेना होगा। प्रशिक्षण बाद डॉक्टरों को टेस्ट देना होगा। इसमें पास होने वालों को एक सर्टिफिकेट मिलेगा।
इसके बगैर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड नहीं कर पाएंगे। सोमवार को अखिलेश यादव की कैबिनेट ने प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक (पीएनडीटी) एक्ट के तहत एक नियमावली को हरी झंडी दे दी है।
दरअसल, केंद्र सरकार ने एक गजट जारी किया है, जिसमें बगैर प्रशिक्षण प्राप्त कोई व्यक्ति अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकता। इसी के तहत सभी राज्य सरकारों को अपने यहां नियमावली बनाकर इसे लागू करना है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसकी नियमावली तैयार कर ली है। इसमें यह तय किया है कि रेडियोलॉजिस्ट को छोड़कर कोई भी डॉक्टर अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें छह महीने का प्रशिक्षण लेना होगा।
लोक-लुभावन बजट प्रस्तावों को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने 2016-17 के बजट प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसमें पुरानी योजनाओं को पूरा करने के साथ ही किसानों, नौजवानों और इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट को खास तवज्जो दी गई है।
बजट प्रस्ताव चुनावी होने की वजह से इसमें लुभावनी योजनाओं की भरमार के संकेत पहले ही मिल गए हैं। मुख्यमंत्री 12 फरवरी को बजट पेश करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में 2016-17 के बजट पर भी विचार-विमर्श किया गया। बजट विधानसभा में पेश होगा तो इस पर विस्तार से चर्चा होगी। सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम तेजी से बढ़ाने की कोशिश करेगी। बजट में यूपी के विकास की दिशा तय की गई है।
उसे कैसे तेजी से आगे बढ़ाया जाए, इस दिशा में सरकार काम करेगी। कैबिनेट की बैठक अर्से बाद करीब एक घंटे से ज्यादा चली। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा समय बजट पर ही चर्चा हुई। कैबिनेट से बजट की मदवार मंजूरी के बाद अब बजट की छपाई से जुड़े काम शुरू होंगे।
पर्यटन को मिलेगा उद्योग का दर्जा
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2015 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रमुख पर्यटन मार्गों पर निजी क्षेत्र के सहयोग से सुविधाओं का विकास किया जाएगा व नए स्थल चिन्हित कर उन्हें पर्यटन मानचित्र पर लाया जाएगा।
इसकेसाथ ही, पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलेगा व पर्यटन क्षेत्र को प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए बजट की व्यवस्था भी होगी।
नई पर्यटन नीति के तहत प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर अवस्थापना सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, यात्री शेड, संपर्क मार्ग व सफाई व्यवस्था आदि को मजबूत किया जाएगा।
किसी क्षेत्र में विरासत महत्व के भवन ज्यादा होने पर उसे हेरिटेज जोन के रूप में चिन्हित कर महत्वपूर्ण स्मारक, अविकसित पर्यटन स्थलों के रख-रखाव व विकास के लिए विरासत विकास कोष की स्थापना की जाएगी।
पर्यटन विकास से संबंधित अंतर्विभागीय समस्याओं के निपटारे व संबंधित अन्य विभागों से परामर्श के लिए अंतर्विभागीय मंत्री समूह की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलेगा। साथ ही पर्यटन पुलिस की संख्या बढ़ाकर सभी महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर उनकी तैनाती की जाएगी।
सुल्तानपुर में बल्दीराय बनी नई तहसील
सुल्तानपुर की बल्दीराय सूबे की 342वीं तहसील बन गई। राजस्व विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सोमवार को अपनी मंजूरी दे दी। इसका मुख्यालय बल्दीराय में ही होगा।
बता दें, प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में 100 से 120 लेखपाल क्षेत्र पर नई तहसील बनाने की व्यवस्था है।
सुल्तानपुर की सदर तहसील में 505 राजस्व ग्राम व तीन परगने आते हैं। वहीं तहसील मुख्यालय से सबसे दूर के गांव की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। विस्तृत क्षेत्र होने की वजह से वजह से सदर तहसील आने में काफी लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बल्दीराय में पहले से ही विकास खंड व थाने का मुख्यालय है। जिले के जनप्रतिनिधि लंबे समय से बल्दीराय को तहसील मुख्यालय बनाने की मांग कर रहे थे।
राजस्व परिषद के चेयरमैन अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी ने पिछले दिनों सुल्तानपुर के डीएम और फैजाबाद के मंडलायुक्त के प्रस्ताव पर मानक शिथिल कर बल्दीराय को नई तहसील बनाने की संस्तुति की थी।
स्वच्छ भारत मिशन में प्रदेश ज्यादा खर्च करने को तैयार
राज्य कैबिनेट ने निर्मल भारत अभियान के पुनर्गठन के बाद ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ के फंडिंग पैटर्न में बदलाव संबंधी केंद्र सरकार के फैसले पर सहमति दे दी है। इससे राज्य सरकार को पहले से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा।
बता दें, केंद्र ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रति इकाई लागत 12 हजार रुपये तय की है। इसमें नौ हजार रुपये (75 प्रतिशत) केंद्र और तीन हजार रुपये (25 प्रतिशत) प्रदेश सरकार की ओर से दिया जा रहा है।
केंद्र ने अब इस योजना के फं डिंग पैटर्न में बदलाव का फैसला किया है। इसके तहत अब केंद्रांश 75 से घटाकर 60 प्रतिशत और राज्यांश 25 से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया गया है। नतीजतन व्यक्तिगत शौचालय प्रति इकाई अब केंद्र 7200 रुपये देगा जबकि राज्य सरकार को 4800 रुपये देना पड़ेगा।
इसके अलावा प्रचार-प्रसार व स्टार्ट-अप गतिविधि, ट्रेनिंग, रिवाल्विंग फंड, प्रशासनिक चार्ज और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन में भी केंद्र व राज्य की हिस्सेदारी 60:40 अनुपात की ही रहेगी। सामुदायिक शौचालय के निर्माण पर केंद्र का योगदान 60 प्रतिशत ही रहेगा लेकिन राज्य सरकार इसमें 30 प्रतिशत देगी।